Raj K Purohit Death: भाजपा नेता राज के. पुरोहित का 70 की उम्र में निधन, बेटे की BMC जीत के अगले दिन ली अंतिम सांस
वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व महाराष्ट्र मंत्री राज के. पुरोहित का 70 वर्ष की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। जानें उनका राजनीतिक सफर और अंतिम संस्कार की जानकारी।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री राज के. पुरोहित का निधन हो गया।
BJP Leader Raj K Purohit Death: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री राज के. पुरोहित का रविवार तड़के (18 जनवरी) निधन हो गया। वह 70 वर्ष के थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल में सुबह करीब 3 बजे अंतिम सांस ली। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से खासकर मुंबई की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
15 जनवरी से अस्पताल में थे भर्ती
राज के. पुरोहित की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 15 जनवरी की शाम बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन रविवार तड़के उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर फैलते ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई।
मुंबई से जुड़ा रहा लंबा राजनीतिक सफर
राज के. पुरोहित ने मुंबई की राजनीति में तीन दशकों तक सक्रिय भूमिका निभाई। वह पांच बार महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य रहे। उन्होंने मुम्बादेवी विधानसभा सीट से चार बार और कोलाबा सीट से एक बार जीत दर्ज की। जमीनी स्तर से जुड़े नेता के तौर पर उन्होंने मुंबई के नागरिक और हाउसिंग से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया।
दक्षिण मुंबई में भाजपा संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। कोलाबा सीट से उनकी जीत को उस दौर में पार्टी के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा गया था।
आवास मंत्री के रूप में पहचान
राज के. पुरोहित को उनके कार्यकाल के दौरान आवास मंत्री के रूप में किए गए कार्यों के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। उन्होंने मुंबई के किरायेदारों, पुनर्विकास परियोजनाओं और मध्यम व निम्न आय वर्ग के लिए आवास नीतियों पर खुलकर काम किया। आम लोगों से सीधे संवाद करने की उनकी कार्यशैली उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती थी।
उनकी स्पष्टवादिता और बेबाक राजनीतिक सोच उन्हें कभी सराहना तो कभी आलोचना भी दिलाती रही, लेकिन आवास सुधारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को व्यापक रूप से स्वीकार किया गया।
बेटे की जीत के अगले दिन टूटा परिवार पर दुख
राज के. पुरोहित का निधन ऐसे समय में हुआ, जब उनके बेटे आकाश राज पुरोहित ने BMC वार्ड 121 से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की थी। शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस जीत का जश्न मनाया था, जो पिता के निधन के बाद शोक में बदल गया। यह क्षण परिवार और समर्थकों के लिए बेहद भावुक रहा।
अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज के. पुरोहित के पार्थिव शरीर को उनके निवास स्थान पर रखा जाएगा, जहां सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक अंतिम दर्शन किए जा सकेंगे। इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और सोनापुर लेन श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
नेताओं ने जताया शोक
राज के. पुरोहित के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्हें एक अनुभवी, जमीनी और बेबाक नेता के रूप में याद किया जा रहा है, जिनकी राजनीतिक विरासत मुंबई की राजनीति में लंबे समय तक याद रखी जाएगी।