29 पार्षद होटल में नजरबंद: संजय राउत का बड़ा दावा- "एकनाथ शिंदे खुद नहीं चाहते कि मुंबई में बीजेपी का मेयर बने"
संजय राउत ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे खुद नहीं चाहते कि मुंबई में भाजपा का मेयर बने। उन्होंने इसे शिंदे की घबराहट बताते हुए कहा कि वे भाजपा को सत्ता से दूर रखने की योजना बना रहे हैं।
मुंबई नगर निगम में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता है।
मुंबई : मुंबई महानगरपालिका के नतीजों के बाद महाराष्ट्र की सियासत में 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' और बयानों की जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा अपने 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में शिफ्ट किए जाने पर शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने तीखा हमला बोला है।
राउत ने दावा किया कि शिंदे गुट के पार्षदों को इसलिए कैद किया गया है क्योंकि शिंदे खुद अंदरखाने यह नहीं चाहते कि मुंबई की सत्ता पर भाजपा का कब्जा हो और उनका मेयर बने।
बीएमसी की सत्ता के लिए 'होटल किलाबंदी'
बीएमसी चुनाव के नतीजों में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, जिसके बाद खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) की आशंकाएं बढ़ गई हैं। शिंदे सेना ने अपने सभी 29 पार्षदों को बांद्रा के एक फाइव स्टार होटल में शिफ्ट कर दिया है।
पार्टी का कहना है कि यह कदम पार्षदों को विपक्षी गुटों के संपर्क से बचाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, संजय राउत ने इसे शिंदे गुट की घबराहट करार दिया और कहा कि उन्हें अपने ही लोगों पर भरोसा नहीं है।
संजय राउत का 'सियासी बम': शिंदे और बीजेपी के बीच दरार?
संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा, "एकनाथ शिंदे जानते हैं कि अगर मुंबई में भाजपा का मेयर बन गया, तो शिवसेना का अस्तित्व पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
शिंदे सिर्फ दिखावे के लिए बीजेपी के साथ हैं, लेकिन असल में वे नहीं चाहते कि मुंबई की चाबी बीजेपी के हाथ में जाए।" राउत के इस बयान ने महायुति गठबंधन (BJP-शिंदे सेना) के भीतर संभावित मतभेदों की ओर इशारा कर दिया है।
मेयर पद के लिए खींचतान और 'शिंदे' की मजबूरी
राउत ने आगे कहा कि शिंदे गुट के पार्षद वापस उद्धव ठाकरे के पास आने को तैयार हैं, इसी डर से उन्हें होटल में बंद किया गया है। उन्होंने दावा किया कि शिंदे सेना के भीतर इस बात को लेकर नाराजगी है कि बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा मेयर पद पर अपना दावा ठोक रही है।
राउत के अनुसार, शिंदे गुट अपने पार्षदों को 'ढाल' बनाकर भाजपा पर दबाव डालना चाहता है ताकि सत्ता के बंटवारे में उन्हें बड़ा हिस्सा मिल सके।
बीजेपी और शिंदे गुट का पलटवार
संजय राउत के दावों पर महायुति के नेताओं ने पलटवार किया है। शिंदे गुट के प्रवक्ताओं का कहना है कि राउत केवल भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और महायुति पूरी तरह एकजुट है।
उन्होंने कहा कि पार्षदों को होटल में इसलिए रखा गया है ताकि वे शांति से भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर सकें, न कि किसी डर की वजह से।
भाजपा नेताओं ने भी स्पष्ट किया कि मेयर पद का फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा आपसी सहमति से लिया जाएगा।
मुंबई की सत्ता का पेच और आगामी रणनीति
मुंबई नगर निगम में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता है। वर्तमान स्थिति में निर्दलीय और छोटे दलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। संजय राउत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मेयर चुनाव के लिए नामांकन और जोड़-तोड़ की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या शिंदे गुट और भाजपा के बीच वाकई कोई खींचतान है या यह विपक्ष की केवल एक रणनीतिक चाल है।