Delhi Police: दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, NRI डॉक्टर दंपति से ठगी के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने बुजुर्ग NRI डॉक्टर दंपति से डिजिटल अरेस्ट करके करीब 15 करोड़ रुपये ठगने के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

Updated On 2026-01-18 12:33:00 IST
दिल्ली में NRI डॉक्टर दंपति से ठगी के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार

Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने साइबर क्राइम के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल की है। एक बुजुर्ग NRI डॉक्टर दंपति को डिजिटल अरेस्ट करके लगभग 15 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह ठगी बहुत ही सोची-समझी और डरावनी तरीके से की गई थी। ग्रेटर कैलाश में रहने वाले डॉक्टर ओम तनेजा (81 वर्ष) और डॉक्टर इंदिरा तनेजा (77 वर्ष) नाम के इस दंपति ने अमेरिका में लंबे समय तक सेवा करने के बाद भारत लौटकर सामाजिक कार्य शुरू किए थे।

24 दिसंबर 2025 से 9-10 जनवरी 2026 तक (करीब 17 दिन) ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रखा। ठग खुद को TRAI, पुलिस, CBI और सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों के रूप में पेश करते थे। उन्होंने दंपति को बताया कि उनके नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा केस है। डराने-धमकाने के लिए लगातार वीडियो कॉल चलाते रहे, उनकी हर हरकत पर नजर रखी और बैंक जाकर पैसे ट्रांसफर करवाए। कुल 14.85 करोड़ रुपये 8 अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए। दंपति को कहा गया कि कोई किसी से बात न करे, वरना गिरफ्तारी हो जाएगी या जान को खतरा हो सकता है।

कैसे पता चला ठगी का राज?

10 जनवरी को ठगों ने अचानक कहा कि अब केस बंद हो गया है और RBI से पैसा रिफंड होगा, इसलिए लोकल पुलिस स्टेशन जाइए। डॉ. इंदिरा तनेजा पुलिस स्टेशन पहुंचीं (तब भी ठग वीडियो कॉल पर थे)। वहां पुलिस ने बताया कि यह पूरी तरह फर्जीवाड़ा है और कोई डिजिटल अरेस्ट जैसी चीज कानून में नहीं होती। तब जाकर दंपति को अपनी सारी जमा-पूंजी लुट जाने का सदमा लगा।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने तुरंत e-FIR दर्ज की और जांच स्पेशल सेल की साइबर यूनिट (IFSO) को सौंपी। तेज जांच के बाद गुजरात के वडोदरा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के नाम दिव्यांग पटेल (28) और कृतिक शितोले (26) हैं। ये दोनों ठगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे (जैसे बैंक खाते उपलब्ध करवाना आदि)। दोनों को दिल्ली लाया गया और कोर्ट ने उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब बाकी ठगों, मनी ट्रेल और पूरे नेटवर्क की तलाश कर रही है। यह गिरफ्तारी साइबर ठगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता है। ऐसे मामलों में लोग सतर्क रहें और किसी भी तरह के दबाव में पैसे ट्रांसफर न करें।

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