जींद: नरवाना में मकान की छत गिरने से मां और 2 साल की बेटी की मौत, पड़ोसियों ने निकाला मलबे से बाहर
हादसे के वक्त महिला का पति बाजार गया था, जबकि सास अन्य दो बच्चों को स्कूल छोड़ने गई थी, जिससे उनकी जान बच गई। पड़ोसियों ने दोनों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया।
छत गिरने से मलबे में तब्दील हुआ मकान और हादसे में जान गंवाने वाली मां-बेटी।
हरियाणा के जींद जिले के नरवाना में शनिवार की सुबह एक पुराने मकान की छत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हादसे की चपेट में आने से 26 वर्षीय महिला और उसकी मात्र 2 साल की नन्ही बेटी की जान चली गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
मलबे में दबी रह गईं मां-बेटी
यह हादसा उस समय हुआ जब घर के अन्य सदस्य किसी न किसी काम से बाहर गए हुए थे। मलबे में दबने वाली महिला की पहचान उषा और उसकी छोटी बेटी मायरा के रूप में हुई है। जैसे ही मकान की छत गिरने की जोरदार आवाज आई, पड़ोसियों में भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए राहत कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
स्कूल और बाजार जाने से सुरक्षित बचे परिवार के अन्य सदस्य
कुदरत का खेल देखिए कि हादसे के वक्त परिवार के बाकी सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे, वरना यह जानलेवा आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था। उषा की सास अपनी दो बड़ी पोतियों को स्कूल छोड़ने के लिए गई हुई थीं। उषा के तीन बच्चे थे, जिनमें से दो के स्कूल जाने की वजह से उनकी जान बच गई। वहीं उषा का पति, आशीष, जो पेशे से पेंटर है, वह भी कुछ घरेलू सामान लेने के लिए पास की दुकान पर गया हुआ था।
बाजार से लौट रहे पति को मिली मौत की खबर
आशीष जब बाजार से लौट रहा था, तभी रास्ते में उसे किसी ने सूचना दी कि उसके घर की छत गिर गई है। यह सुनते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बदहवास हालत में जब वह घर पहुंचा, तो उसकी दुनिया उजड़ चुकी थी। पत्नी और मासूम बेटी की मौत की खबर ने उसे पूरी तरह तोड़ दिया है।
पुलिस जांच में जुटी
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की। शुरुआती जांच में पता चला है कि मकान काफी पुराना था और छत की हालत जर्जर हो चुकी थी। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या छत गिरने की कोई और तकनीकी वजह भी थी। स्थानीय निवासियों ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने की पुरजोर मांग की है।
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