Vande Bharat Sleeper: दिल्ली से चलेगी पहली वंदे भारत स्लीपर, ट्रायल रन सफल, 4 राज्यों को होगा फायदा
Vande Bharat Sleeper: दिल्ली से कोलकाता के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल पूरा कर लिया गया है, जिसकी एक वीडियो रेल मंत्री ने एक्स पर शेयर किया है।
दिल्ली से कोलकाता के बीच चलेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन।
Vande Bharat Sleeper: यात्रियों को तेज रफ्तार के साथ आरामदायक सफर देने के लिए ‘वंदे भारत ट्रेन’ अब नई सुविधा के साथ पटरी पर दौड़ेगी। बताया जा रहा है कि पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली से कोलकाता के बीच चलेगी। संभावना है कि इस महीने के अंत तक वंदे भारत ट्रेन शुरू हो सकती है। ट्रेन के शुरू हो जाने से दिल्ली-पश्चिम बंगाल के अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 4 राज्यों के यात्रियों को इसका फायदा होगा।
पश्चिम बंगाल में इस साल 2026 में विधानसभा चुनाव होगा, ऐसे में संभावना है कि केंद्र सरकार राज्य जनता को बड़ा तोहफा दे सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी के तीसरे सप्ताह में पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। हाल ही में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ी ट्रेन की स्पीड भले कुछ कम हो, लेकिन आरामदायक सफर से लंबे रूट पर यात्रियों का अनुभव बेहतर बनेगा।
इन राज्यों को होगा फायदा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी के सफर को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिसमें यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। वंदे भारत ट्रेन से दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के लोगों को फायदा होगा। हालांकि यूपी और बिहार में इसका स्टॉपेज कहां-कहां होगा, अभी इस बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता है।
लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि कानुपर, इलाहाबाद, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना जैसे मुख्य स्टेशनों पर स्टॉपेज हो सकता है। इन रूटों पर बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जाता है, लेकिन यात्रियों की संख्या ज्यादा होने की वजह से वेटिंग लिस्ट बहुत लंबी होती है, ऐसे में इस रूट पर नई वंदे भारत स्लीपर को काफी यात्री मिल सकते हैं।
ट्रेन में खास ‘वॉटर टेस्ट'
बता दें कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की ज्यादा गति प्राप्त की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा 30 दिसंबर को 'एक्स' हेंडल पर वीडियो शेयर किया गया था। ट्रायल के दौरान ट्रेन के अंदर खास ‘वॉटर टेस्ट' किया गया।
टेस्ट में रेलवे अधिकारियों ने एक टेबल पर पानी से भरे गिलास रखे, उस दौरान ट्रेन 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी, लेकिन गिलास में रखे पानी की एक बूंद भी नहीं गिरी, जिससे पता चलता है कि वंदे भारत स्लीपर की सस्पेंशन और वाइब्रेशन कंट्रोल टेक्नोलॉजी काफी एडवांस है। 'एक्स' पर अश्विनी वैष्णव ने लिखा कि, 'वंदे भारत स्लीपर को कोटा–नागदा सेक्शन पर ट्रेन 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाया गया। वॉटर टेस्ट ने इस नई पीढ़ी की ट्रेन की तकनीकी खूबियों को साबित किया।'
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