Ghaziabad Police: गाजियाबाद में भूजल दोहन करने वाली फैक्ट्रियों पर होगी सख्त कार्रवाई, जल्द होंगी सील

गाजियाबाद में अवैध रूप से भूजल निकालने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यहां साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में 150 के आसपास फैक्ट्रियों नगर निगम से पानी न लेकर सीधे भू-जल से पानी निकाल रही हैं।

Updated On 2026-01-13 20:00:00 IST

गाजियाबाद की इन फैक्ट्रियों को किया जाएगा सील

Ghaziabad Police: गाजियाबाद में भूजल (ग्राउंडवाटर) का अत्यधिक दोहन एक गंभीर समस्या बन चुका है। शहर को 'रेड जोन' घोषित किया गया है, जहां पानी का दोहन रिचार्ज से काफी ज्यादा हो रहा है। प्रशासन अब इस पर कड़ा रुख अपना रहा है और अवैध रूप से भूजल निकालने वाली फैक्ट्रियों को सील करने की तैयारी कर रहा है।

साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र

साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में कई फैक्ट्रियां बिना वैध अनुमति और पानी कनेक्शन के भूजल का दोहन कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, यहां करीब 150 फैक्ट्रियां ऐसी हैं जो नगर निगम या अन्य स्रोतों से पानी नहीं ले रही हैं और सीधे बोरवेल या ट्यूबवेल से पानी निकाल रही हैं। जिला प्रशासन और जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद ने इन फैक्ट्रियों पर नजर रखी हुई है। जो फैक्ट्रियां नियमों का पालन नहीं करेंगी, उन्हें सील कर दिया जाएगा। साथ ही उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

भू-जल हो रहा है दूषित

यह कार्रवाई इसलिए जरूरी है क्योंकि साहिबाबाद जैसे इलाकों में केमिकल, डाइंग और अन्य उद्योग भूजल का अत्यधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न सिर्फ पानी का स्तर तेजी से गिर रहा है, बल्कि कुछ मामलों में प्रदूषण भी फैल रहा है। हाल ही में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने साहिबाबाद की केमिकल डाइंग यूनिट्स पर विशेष ध्यान दिया है, जहां अनट्रीटेड वेस्ट पानी में डालने से भूजल दूषित हो रहा है। ऐसे दोषी उद्योगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

भूजल संरक्षण जरूरी

प्रशासन ने पहले भी कई बार अवैध भूजल दोहन पर एक्शन लिया है। उदाहरण के लिए, पिछले कुछ समय में RO प्लांट्स, कार वॉशिंग सेंटर और कुछ इंडस्ट्रीज को सील किया गया है, साथ ही लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया है। गाजियाबाद में भूजल दोहन की दर 123% तक पहुंच चुकी है, जो उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा है। इससे जल स्तर साल-दर-साल गिर रहा है। प्रशासन का फोकस है कि इंडस्ट्रीज ट्रीटेड वाटर का इस्तेमाल करें। साहिबाबाद में एक बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है, जिसमें ट्रीटेड पानी की सप्लाई शुरू हो रही है ताकि फैक्ट्रियां भूजल पर निर्भरता कम करें।

पर्यावरण पर असर

भूजल का अत्यधिक दोहन न सिर्फ पीने के पानी की समस्या पैदा कर रहा है, बल्कि आने वाले समय में शहर की पूरी जल व्यवस्था को खतरे में डाल सकता है। प्रशासन का कहना है कि नियम तोड़ने वाली फैक्ट्रियों को सील करके और जुर्माना लगाकर भूजल स्तर सुधारने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोग भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, इसलिए यह कार्रवाई सभी के हित में है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो भी फैक्ट्रियां समय पर नियमों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ तुरंत सीलिंग और अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे। 

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