टीआई सहित दो सस्पेंड: न एफआईआर- न अफसरों की अनुमति, आरोपी को किया गिरफ्तार

व्यापारी से 4 लाख रूपए में डील कर बिना अपराध दर्ज किए ही आरोपी को पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार करना कुसमी थाने में पदस्थ दो प्रधान आरक्षकों को महंगा पड़ गया।

Updated On 2025-07-03 11:20:00 IST

File Photo 

अंबिकापुर। व्यापारी से 4 लाख रूपए में डील कर बिना अपराध दर्ज किए ही आरोपी को पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार करना कुसमी थाने में पदस्थ दो प्रधान आरक्षकों को महंगा पड़ गया। थाना प्रभारी के इशारे पर गैरकानूनी तरीके से पश्चिम बंगाल के बड़े व्यापारी को पकड़ने गए पुलिसकर्मियों को स्थानीय पुलिस ने ही थाने में बैठा लिया और उनसे पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने बलरामपुर एसपी से संपर्क कर इस पूरे प्रकरण की जानकारी दी। एसपी के हस्तक्षेप के बाद पुलिसकर्मियों को छोड़ दिया गया लेकिन उन्हें बड़ी फजीहत झेलनी पड़ी। इधर एसपी बलरामपुर ने पुलिसकर्मियों की इस अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचरिता को गंभीरता से लिया है। एसपी ने इस मामले में थाना प्रभारी कुसमी और दोनों प्रधान आरक्षकों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

बताया जा रहा है कि, बलरामपुर जिले के कुसमी थाना अंतर्गत रहने वाले व्यापारी ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल निवासी एक बड़े व्यापारी के खिलाफ थाना में धोखाधड़ी की शिकायत की थी। व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने कोई अपराध दर्ज नहीं किया। इधर पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में व्यापारी से 4 लाख रूपए डील की गई।। सौदा तय होने के बाद थाना प्रभारी कुसमी ललित यादव के कहने पर दोनों प्रधान आरक्षक विष्णुकान्त मिश्रा और प्रांजुल कश्यप पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गए। पुलिसकर्मी पशु क्रूरता के मामले में दर्ज अपराध के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के नाम पर निकले और सीधे पश्चिम बंगाल के आसनसोल पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने वहां कथित आरोपी व्यवसायी के घर जाकर उसका मोबाइल फोन जब्त कर बंद कर दिया और गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ लाने के लिए निकल गए।

शिकायत के बाद बैठाया गया थाने में
बताया जा रहा है कि गैरकानूनी तरीके से बिना कोई अपराध दर्ज किए ही व्यवसायी को गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ लेकर जाने की शिकायत व्यवसायी के भाई ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल पुलिस से की। इस दौरान स्थानीय पुलिस ने दोनों आरक्षकों को पकड़ लिया और थाने में बैठाकर उनसे पूछताछ की। दोनों पुलिसकर्मियों के बयान अलग अलग होने पर आसनसोल के डीएसपी ने एसपी बलरामपुर से सम्पर्क किया और उन्हें पूरी जानकारी दी। एसपी के हस्तक्षेप के बाद दोनों को पश्चिम बंगाल पुलिस ने छोड़ दिया। इधर इस मामले में बगैर अपराध हुए और बिना वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के दूसरे राज्य में जाकर गलत तरीके से की गई गिरफ्तारी के मामले को एसपी बलरामपुर ने गंभीरता से लिया है। इस अनुशासनहीनता पर एसपी वैभव बैंकर रमनलाल ने थाना प्रभारी कुसमी ललित यादव, प्रधान आरक्षक विष्णुकान्त मिश्रा व प्रधान आरक्षक प्रांजुल कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ ही लाइन अटैच कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में रुपयों के लेनदेन को लेकर जांच के निर्देश भी दिए हैं।

की गई है कार्रवाई
बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर रमनलाल ने बताया कि, मेरे संज्ञान में आने के बाद एक्शन लिया गया है। वहां के डीसीपी से मेरी बात हुई। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। इस तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच चल रही है।

Tags:    

Similar News

पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक: सीएम साय बोले- स्थानीय जरूरतों और जनआकांक्षा के अनुरूप मंजूर होंगे विकास कार्य

बिलासपुर एयरपोर्ट को ऑल वेदर ऑपरेशन की मंजूरी: सीएम साय बोले- इससे छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति

बलौदा बाजार में वृद्धा के साथ घिनौनी हरकत: शहर में हड़कंप, पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया