छूटे किसानों को मिला अवसर: दो दिन में बस्तर के 7 जिलों से 83 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी
सीएम साय की पहल पर धान खरीदी के लिए दो अतिरिक्त दिन की राहत दी गई। इस दौरान बस्तर संभाग के किसानों को बड़ी संजीवनी मिली है।
धान खरीदी
अनिल सामंत- जगदलपुर। धान खरीदी की निर्धारित अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद भी लाखों किसान अपना उपज नहीं बेच पाए थे। जिससे प्रदेशभर में असंतोष की स्थिति बन रही थी। किसानों की व्यापक मांग और ज़मीनी हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने मानवीय व किसान हितैषी निर्णय लेते हुए धान खरीदी की अवधि दो दिन के लिए बढ़ाई। इस फैसले से विशेष रूप से बस्तर संभाग के किसानों को बड़ी राहत मिली और सैकड़ों किसान, जो पहले छूट गए थे,अतिरिक्त दिनों में अपना धान बेचने में सफल रहे।
बस्तर संभाग के सात जिलों में इन अतिरिक्त दो दिनों के दौरान धान खरीदी की उल्लेखनीय गतिविधि देखने को मिली। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, संभाग में कुल 83,255.23 मीट्रिक टन धान की अतिरिक्त खरीदी दर्ज की गई। इसमें सर्वाधिक योगदान कांकेर जिले का रहा,जहाँ किसानों ने लगभग 49,971 मीट्रिक टन धान बेचा। वहीं बस्तर,बीजापुर,कोंडागांव,नारायणपुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में भी किसानों ने बड़ी संख्या में खरीदी केंद्रों तक पहुँच बनाकर अपने उपज का विक्रय किया। कुल 121 मिलों के माध्यम से यह अतिरिक्त उठाव संभव हो सका, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समय-सीमा में थोड़ी सी लचीलापन भी किसानों के लिए कितना बड़ा सहारा बन सकता है।
अतिरिक्त दो दिनों में बस्तर संभाग में धान खरीदी
बस्तर जिले में 79 खरीदी केंद्रों के माध्यम से 6,486 मीट्रिक टन धान की अतिरिक्त खरीदी हुई, बीजापुर में 30 केंद्रों से 3,069.80 मीट्रिक टन,दंतेवाड़ा में 15 केंद्रों से 5,663 मीट्रिक टन धान बेचा गया। कांकेर जिले में सर्वाधिक 149 केंद्रों के जरिये 49,971.20 मीट्रिक टन धान की खरीदी दर्ज की गई। कोंडागांव में 67 केंद्रों से 5,236.24 मीट्रिक टन,नारायणपुर में 17 केंद्रों से 5,815.29 मीट्रिक टन तथा सुकमा जिले में 25 खरीदी केंद्रों के माध्यम से 7,013.70 मीट्रिक टन धान की अतिरिक्त खरीदी हुई। इस प्रकार बस्तर संभाग के सातों जिलों में कुल 382 खरीदी केंद्रों से 83,255.23 मीट्रिक टन धान का उठाव किया गया।