यात्री ट्रेनों के स्टापेज को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन: कांग्रेस के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने किया हर्री रेलवे स्टेशन का घेराव
हर्री रेलवे स्टेशन में यात्री ट्रेनों के स्टापेज बहाल करने की माँग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने घेराव किया।
कांग्रेस के किया यात्री ट्रेनों का घेराव
आकाश पवार- पेंड्रा। हर्री रेलवे स्टेशन से रविवार को एक बड़ी खबर सामने आई है। यात्री ट्रेनों के स्टापेज बहाल करने की माँग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हर्री रेलवे स्टेशन का घेराव कर रेल प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोरोना काल के दौरान हर्री स्टेशन पर आठ महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनों का स्टापेज बंद कर दिया गया था, जो अब तक बहाल नहीं किया गया है। इससे क्षेत्र के छात्र, मजदूर, मरीज और आम यात्री भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि हर्री एक आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल क्षेत्र है, जहाँ से आसपास की लगभग 50 ग्राम पंचायतों के लोग रेल यात्रा पर निर्भर हैं। स्टापेज बंद होने से लोगों को बिलासपुर या अन्य दूरस्थ स्टेशनों के लिए पेंड्रारोड या अनूपपुर तक जाना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।
कांग्रेस नेताओं ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने रेल प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर सभी बंद ट्रेनों का स्टापेज पुनः शुरू नहीं किया गया, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन एवं रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। हालाँकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों में रेल प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ नजर आई। अब देखना होगा कि रेल प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है या हर्री स्टेशन आंदोलन का अगला बड़ा केंद्र बनता है।
इन ट्रेनों का स्टापेज है बंद
- रीवा–बिलासपुर (18248)
- बिलासपुर–रीवा (18247)
- इंदौर–बिलासपुर (18233)
- बिलासपुर–इंदौर (18234)
- बिलासपुर–भोपाल (18236)
- भोपाल–बिलासपुर (18235)
- चिरमिरी–बिलासपुर (18258)
- बिलासपुर–चिरमिरी (18257)