ग्रामीण बच्चों की शिक्षा में बदलाव की बयार: युवा पंचायत पदाधिकारी खुद संभाल रहे मोर्चा, औचक निरीक्षण से सुधर रही गुणवत्ता

जगदलपुर के ग्रामीण अंचलों में अब शिक्षा को लेकर सोच बदल रही है। पंचायत पदाधिकारी खुद स्कूलों में पहुंचकर पढ़ाई की गुणवत्ता का जायजा ले रहे हैं।

Updated On 2026-01-18 18:38:00 IST

बच्चों के साथ भोजन करते युवा पंचायत पदाधिकारी

अनिल सामंत- जगदलपुर। ग्रामीण अंचलों में अब शिक्षा को लेकर सोच बदल रही है। पंचायत स्तर पर पढ़े-लिखे और जागरूक युवा जनप्रतिनिधि यह मानने लगे हैं कि अगर आज ग्रामीण बच्चों की शिक्षा की नींव मजबूत नहीं की गई,तो वे शहरी बच्चों से प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे। इसी सोच के तहत अब पंचायत पदाधिकारी खुद स्कूलों में पहुंचकर पढ़ाई की गुणवत्ता का जायजा ले रहे हैं। इस दौरान वार्ड पंच आदर्श ठाकुर ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी समाज के हर जागरूक नागरिक की है।

इसी कड़ी में ग्राम पंचायत बोरपदर के पूर्व माध्यमिक शाला का वार्ड पंच आदर्श ठाकुर द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया गया। उनकी समझ, विषयों की पकड़ और नियमित अध्ययन की स्थिति को परखा गया। शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधियों,पाठ्यक्रम की प्रगति और विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर भी जानकारी ली गई।

ग्रामीण बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं,बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि ग्रामीण बच्चों को भी वही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, जो शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध है। बच्चों को अनुशासन, नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया,ताकि वे भविष्य में किसी भी स्तर पर पीछे न रहें। साथ ही, मध्याह्न भोजन योजना की भी समीक्षा की गई। भोजन की गुणवत्ता,स्वच्छता और पोषण स्तर का जायजा लेकर यह सुनिश्चित किया गया कि बच्चों को स्वस्थ और संतुलित आहार मिले,क्योंकि बेहतर शिक्षा के लिए स्वस्थ शरीर भी उतना ही जरूरी है।

ग्रामीण शिक्षा को मजबूत करने की नई पहल
ग्रामीण क्षेत्रों में अब शिक्षा को लेकर केवल शिकायतें नहीं, बल्कि समाधान की दिशा में ठोस पहल हो रही है। पंचायत स्तर के युवा और शिक्षित जनप्रतिनिधि खुद स्कूलों तक पहुंचकर कक्षाओं का निरीक्षण कर रहे हैं,बच्चों से सवाल-जवाब कर उनकी शैक्षणिक स्थिति समझ रहे हैं। शिक्षकों से पढ़ाई की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं और आवश्यक सुधार के सुझाव दे रहे हैं। उनका मानना है कि यदि आज से ही ग्रामीण स्कूलों में गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया, तो आने वाले समय में गांव के बच्चे भी शहरी छात्रों की तरह हर प्रतियोगिता में मजबूती से खड़े हो सकेंगे।ग्रामीणों और विद्यालय परिवार ने इस पहल को शिक्षा सुधार की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया।

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