शव दफनाने को लेकर विवाद: धर्मांतरित परिवार पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, प्रशासनिक बैठक के बाद माहौल हुआ शांत

बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र में एक मतांतरित परिवार द्वारा दूसरे गांव की सीमा में शव दफन किए जाने से विवाद उत्पन्न हो गया।

Updated On 2026-02-06 11:55:00 IST

ग्रामीणों से बात-चित करते हुए अधिकारी

राहुल भूतड़ा- बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बोरगांव और भीमटोला के बीच हड़कंप मच गया। जब एक धर्मांतरित परिवार द्वारा बिना ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को सूचना दिए शव को दूसरे गांव की सीमा में दफन कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन-प्रशासन और सामाजिक संगठनों की पहल पर दोनों गांवों के ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित कर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला गया।

मिली जानकारी के अनुसार, डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम बोरगांव निवासी तथा धर्म परिवर्तन कर चुके बहुर सिंह मंडावी के 45 वर्षीय पुत्र संतोष मंडावी का बुधवार को निधन हो गया। परिजनों ने बिना ग्राम पंचायत या ग्रामीणों को जानकारी दिए, शव को उसी दिन दूसरे ग्राम भीमाटोला में स्थित अपनी निजी भूमि पर दफन कर दिया।

पिता ने निजी जमीन होने का दिया हवाला
गुरुवार सुबह जब ग्राम भीमाटोला के ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली कि बोरगांव निवासी व्यक्ति द्वारा उनके गांव की सीमा में शव दफन किया गया है, तो ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण दफन स्थल पर पहुंचे और मृतक के पिता बहुर सिंह मंडावी से पूछताछ की गई। उन्होंने अपनी निजी जमीन होने का हवाला देते हुए वहीं दफन किए जाने की बात कही।

मतांतरित परिवार की संयुक्त बैठक की गई आयोजित
मामले की सूचना मिलते ही शासन-प्रशासन हरकत में आया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए ग्राम पंचायत बोरगांव के पंचायत कार्यालय में तहसीलदार, डौंडी एवं राजहरा थाना प्रभारी, विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधि, दोनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों तथा मतांतरित परिवार की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

मतांतरित परिवार की हिंदू धर्म में वापसी
बैठक के दौरान धर्मांतरित परिवार ने बिना सूचना शव दफन करने, ग्रामीण रीति-रिवाजों की अवहेलना तथा परंपराओं के अनुरूप कार्य न करने की गलती स्वीकार की। साथ ही परिवार ने मूल हिंदू धर्म और संस्कृति में वापसी करने, गांव की परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं का पालन करने की बात कही।

ऐसे हुआ पूरा मामला शांत
इसके पश्चात मतांतरित परिवार ग्राम भीमाटोला स्थित शीतला मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना और क्षमायाचना करने रवाना हुआ। जिसके बाद दोनों गांवों के ग्रामीणों में सहमति बनी और पूरा मामला शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ। प्रशासन ने आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए भविष्य में किसी भी धार्मिक या सामाजिक विषय पर नियमों और परंपराओं का पालन करने की समझाइश दी।

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