Yuvraj singh: 'इज्जत नहीं मिली...' संन्यास के 7 साल बाद युवराज सिंह का खुलासा, सानिया मिर्जा को बताया सच
Yuvraj singh on retirement: युवराज सिंह ने कहा कि उन्हें खेल में सम्मान और समर्थन महसूस नहीं हो रहा था, इसी वजह से उन्होंने 2019 में संन्यास लिया था।
Yuvraj singh on retirement: युवराज सिंह ने अपने संन्यास को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है।
Yuvraj singh on retirement: भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मैच विनर्स में गिने जाने वाले युवराज सिंह ने आखिरकार उस फैसले पर खुलकर बात की, जिसने करोड़ों फैंस को चौंका दिया था। जून 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले युवराज का कहना है कि उस दौर में उन्हें न तो खेल का आनंद आ रहा था और न ही सम्मान और समर्थन का एहसास हो रहा था। यही वजह बनी उनके रिटायरमेंट की।
2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह, 2011 में टूर्नामेंट के प्लेयर भी रहे थे। एमएस धोनी की कप्तानी में भारत की ऐतिहासिक जीत में युवराज का योगदान आज भी याद किया जाता लेकिन कैंसर से जंग जीतने के बाद उनका करियर दोबारा उसी ऊंचाई तक नहीं पहुंच सका।
युवराज ने भारत के लिए आखिरी मैच जून 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया और 2019 वर्ल्ड कप टीम में भी जगह नहीं मिली। लगभग 7 साल बाद, अब युवराज ने पूर्व भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के साथ एक पॉडकास्ट में अपने दिल की बात रखी।
सम्मान नहीं मिल रहा था: युवराज
युवराज ने कहा, 'मैं क्रिकेट को एन्जॉय नहीं कर रहा था। मेरे मन में बार-बार सवाल आ रहा था कि जब मुझे मजा नहीं आ रहा तो मैं क्यों खेल रहा हूं? मुझे न तो सपोर्ट मिल रहा था और न ही सम्मान महसूस हो रहा था। जब ये दोनों चीजें नहीं हैं, तो फिर क्यों खेलूं? किसे साबित करने के लिए?'
उन्होंने आगे कहा कि मानसिक और शारीरिक तौर पर वह क्रिकेट मैदान में अपना सबकुछ दे चुके थे और उन्हें लगा कि इससे ज्यादा वो और कुछ नहीं कर सकता थे। युवराज के मुताबिक, यह मुझे अंदर से तकलीफ दे रहा था। जिस दिन मैंने खेलना छोड़ा, उस दिन मैं फिर से खुद को महसूस करने लगा।
युवराज सिंह ने भारत के लिए 18 साल खेला। उन्होंने 2000 में इंटरनेशनल डेब्यू किया और 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। टेस्ट में उनके नाम 1900 रन, वनडे में 8701 रन और टी20 में 1177 रन दर्ज हैं। इस दौरान उन्होंने 17 शतक और 71 अर्धशतक लगाए।
आईपीएल में भी युवराज का सफर लंबा और रंगीन रहा। उन्होंने मुंबई इंडियंस, पंजाब किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पुणे वॉरियर्स इंडिया के लिए कुल 132 मैच खेले। आईपीएल में युवराज ने लगभग 130 के स्ट्राइक रेट से 2750 रन बनाए और 13 अर्धशतक जड़े।
युवराज की यह खुलासा बताता है कि बड़े खिलाड़ी भी सम्मान और मानसिक सुकून के बिना लंबे समय तक खेल नहीं पाते।