Bangladesh News: बांग्लादेश की नई सरकार ने शेख हसीना का डिप्लोमैटिक पासपोर्ट रद्द किया, अभी भारत में हैं

बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के दस्तावेजों को रद्द करने के फैसले से भारत के लिए कूटनीतिक संकट पैदा हो सकता है। क्योंकि ढाका के निकलने के बाद वे भारत में हैं।

Updated On 2024-08-23 09:30:00 IST
Sheikh Hasina Asylum

Bangladesh News: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने गुरुवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द कर दिया। हाल ही में शेख हसीना छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद हेलीकॉप्टर से भारत चली गई थीं। इस फैसले से शेख हसीना संकट में पड़ सकती हैं, खासकर ऐसे समय में जब संयुक्त राष्ट्र की एक टीम ढाका पहुंची है, जो कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच पर विचार कर रही है।

  • शेख हसीना के सत्ता से हटने से के बाद ढाका में उनके आधिकारिक निवास पर हमला हुआ था और उनकी 15 साल की सख्त शासन अवधि के दौरान हुए संघर्ष में 450 से अधिक लोग मारे गए। इनमें से कई पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे। बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के मुताबिक, शेख हसीना, उनके पूर्व मंत्रियों और पूर्व सांसदों के पासपोर्ट रद्द किए जा रहे हैं। इस फैसले से शेख हसीना के वर्तमान मेजबान भारत के लिए कूटनीतिक संकट भी पैदा हो सकता है।
  • शेख हसीना 5 अगस्त को आधिकारिक निवास पर विद्रोह के बाद भारत चली गई थीं। भारत ने हसीना को आश्रय दिया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए बांग्लादेशी नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस का भी समर्थन किया है, जो अंतरिम सरकार की अगुआई कर रहे हैं।

शेख हसीना का पासपोर्ट रद्द करने पर सरकार का बयान
गृह मंत्रालय ने कहा, "पूर्व प्रधानमंत्री, उनके सलाहकार, पूर्व कैबिनेट और भंग राष्ट्रीय सभा के सभी सदस्य अपने पदों के कारण राजनयिक पासपोर्ट के पात्र थे। अब उन्हें उनके पदों से हटा दिया गया है या वे सेवानिवृत्त हो गए हैं, तो उनके और उनके परिवार के डिप्लोमैटिक पासपोर्ट रद्द किए जाने चाहिए।" नई सरकार के अनुसार, शेख हसीना और उनके कार्यकाल के दौरान अन्य पूर्व अधिकारियों को सामान्य पासपोर्ट के लिए आवेदन करने का ऑप्शन दिया गया है, लेकिन यह पासपोर्ट तभी जारी होगा जब 2 सुरक्षा एजेंसियों से मंजूरी मिलेगी।

मुहम्मद यूनुस बोले- यूएन टीम को जांच में पूरा सहयोग करेंगे
शेख हसीना की सरकार पर राजनीतिक विरोधियों की सामूहिक हिरासत और न्यायेतर हत्याओं जैसे व्यापक दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने पिछले हफ्ते शुरुआती रिपोर्ट में कहा कि सुरक्षाबलों द्वारा अनावश्यक और अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया था, जिसे लेकर स्वतंत्र जांच की जरूरत है। नई सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने कहा है कि उनका प्रशासन संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। इसके साथ ही, शेख हसीना द्वारा स्थापित बांग्लादेशी युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने हालिया अशांति के संबंध में उनके खिलाफ तीन "सामूहिक हत्याओं" की जांच शुरू की है।

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