Former VP Jagdeep Dhankhar Health: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की बिगड़ी तबीयत , दिल्ली AIIMS में भर्ती

देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की हफ्ते में 2 बार तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है। स्वस्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते ही उन्होंने जुलाई 2025 को अपने पद से इस्तीफा दिया था।

Updated On 2026-01-12 19:00:00 IST
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आने वाले हैं। वे 20 जनवरी को यहां पर आएंगे

Former Vice President Jagdeep Dhankhar: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (74 वर्ष) की सेहत को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। पिछले सप्ताह में उन्हें दो बार बेहोशी का दौरा पड़ा, जिसके बाद सोमवार को उन्हें दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी जांच के लिए MRI स्कैन कराने का फैसला किया है।

अधिकारियों के अनुसार, 10 जनवरी को धनखड़ को वॉशरूम में दो बार बेहोश होने की घटना हुई। इसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल जांच के लिए AIIMS ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने और आगे की जांच करने की सलाह दी। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टर कारण जानने के लिए पूरी जांच कर रहे हैं।

पहले भी कई बार हो चुकी है बेहोशी

जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति रहते हुए भी कई बार बेहोशी या अस्वस्थता की शिकायत हुई थी। इनमें कच्छ के रण, उत्तराखंड (नैनीताल में कुमाऊं विश्वविद्यालय कार्यक्रम के दौरान), केरल और दिल्ली की घटनाएं शामिल हैं। ये सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान हुई थीं। इसके अलावा मार्च 2025 में भी उन्हें छाती में दर्द और बेचैनी के कारण AIIMS में भर्ती किया गया था।

स्वास्थ्य कारणों से दिया था इस्तीफा

जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन उन्होंने राज्यसभा की कार्यवाही संचालित की थी, लेकिन उसी रात उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस्तीफे की जानकारी जारी हुई। इस्तीफे में उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और डॉक्टरों की सलाह मानने का हवाला दिया था। इस अचानक इस्तीफे पर विपक्ष और कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने सवाल उठाए थे।

आवास को लेकर लिखा था पत्र

इस्तीफे के कई महीनों बाद भी उन्हें सरकारी आवास नहीं मिला था। अगस्त 2025 में उन्होंने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को पत्र लिखकर पूर्व उपराष्ट्रपतियों को मिलने वाले टाइप-8 बंगले की मांग की थी। बाद में उन्हें लुटियंस दिल्ली में यह सुविधा आवंटित की गई।

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