Raghav Chadha: 'मैंने उनका दिन जिया...' राघव चड्ढा बनें ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट, देखें वीडियो-तस्वीरें
Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट बनें, जिसका उन्होंने एक वीडियो भी सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया है।
AAP सांसद राघव चड्ढा बनें ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट।
Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो देखने के बाद उनके फैंस उनकी प्रशंसा कर रहे हैं। दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में राघव चड्ढा ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट की भूमिका निभाते हुए देखे जा रहे हैं।
वीडियो में राघव चड्ढा ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट की पीली यूनिफॉर्म पहने, हेलमेट लगाए हैं और एक दूसरे डिलीवरी वर्कर की स्कूटी पर पीछे बैठकर रात में सामानों की डिलीवरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के अंत में राघव एक अपार्टमेंट के दरवाजे तक पहुंचते दिखते हैं। राघव ने एक्स पर इस वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा,'बोर्डरूम से दूर, जमीनी स्तर पर मैंने उनका दिन जिया, आगे और भी हैं।
राघव चड्ढा ने सरकार की थी प्रशंसा
आप सांसद राघव चड्ढा का वीडियो गिग वर्कर्स की ओर से पॉलिसी में हो रही बदलाव की बढ़ती मांगों के बीच सामने आया है। वीडियो में 10-मिनट मॉडल जैसी अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी टाइमलाइन को खत्म करने मांग को भी शामिल किया गया है। टाइमलाइन को लेकर वर्कर्स ने कहा है कि इससे दबाव और सुरक्षा का खतरा और भी बढ़ जाता है। बता दें कि पिछले दिनों ही भाजपा सरकार द्वारा जारी किए गए ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी नियमों का स्वागत किया था। इन नियमों को 30 दिसंबर 2025 को कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 के तहत अधिसूचित किया गया था।
डिलीवरी पार्टनर संग राघव चड्ढा ने किया था लंच
राघव चड्ढा ने इस दौरान कहा था कि 'लाखों गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए पहचान, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में यह पहला काफी महत्वपूर्ण कदम है।' उन्होंने यह भी कहा था कि प्लेटफॉर्म कंपनियों ने भले ही गिग वर्कर की आवाज को नहीं सुना, लेकिन देश की सरकार ने जरूर सुना है।
संसद सत्र के बाद राघव चड्ढा ने डिलीवरी पार्टनर को अपने आवास पर भी लंच के लिए बुलाया था। लंच का वीडियो भी सामने आया था। लंच के दौरान डिलीवरी पार्टनर ने अपने काम के दौरान होने वाले रोजमर्रा के अनुभवों को शेयर किया था। इस दौरान राघव चड्ढा ने डिलीवरी पार्टनर से लंबे काम के घंटे, अनिश्चित कमाई, एल्गोरिदम आधारित टारगेट्स और बुनियादी सुरक्षा या शिकायत निवारण तंत्र की कमी पर चर्चा की थी।
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें। हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए haribhoomi.com के साथ।