Potassium Deficiency: पोटैशियम की कमी से शुरू हो सकती हैं 5 परेशानियां, इन चीजों से मेंटेन होगा लेवल
Potassium Deficiency: पोटैशियम का लेवल शरीर में बने रहना बेहद जरूरी है। इसकी कमी से कई शारीरिक परेशानियां शुरू हो सकती हैं।
Potassium Deficiency: हम अक्सर कैल्शियम और आयरन की बात करते हैं, लेकिन शरीर के लिए पोटैशियम भी उतना ही जरूरी मिनरल है। इसकी कमी धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बना देती है और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है। थकान, मांसपेशियों में कमजोरी और दिल की धड़कन का अनियमित होना इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
खराब खानपान, ज्यादा जंक फूड और पर्याप्त फल-सब्ज़ियां न खाने की वजह से आजकल कई लोगों में पोटैशियम की कमी देखी जा रही है। अच्छी बात यह है कि सही डाइट अपनाकर इस कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।
पोटैशियम क्या है और क्यों जरूरी?
पोटैशियम एक जरूरी इलेक्ट्रोलाइट है, जो शरीर में नसों, मांसपेशियों और दिल को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने और शरीर में फ्लूइड बैलेंस बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
पोटैशियम की कमी से हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं
दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा: पोटैशियम की कमी से हार्ट रिदम बिगड़ सकता है। लंबे समय तक कमी रहने पर हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है।
मांसपेशियों में कमजोरी और ऐंठन: अगर आपको बिना वजह मसल क्रैम्प्स या कमजोरी महसूस होती है, तो यह पोटैशियम की कमी का संकेत हो सकता है।
पाचन तंत्र हो सकता है कमजोर: पोटैशियम की कमी से कब्ज और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, क्योंकि यह आंतों की मांसपेशियों को प्रभावित करता है।
थकान और चक्कर आना: शरीर में पोटैशियम कम होने पर सेल्स को एनर्जी सही से नहीं मिल पाती, जिससे जल्दी थकान और चक्कर आने की समस्या हो सकती है।
किडनी से जुड़ी परेशानियां: लंबे समय तक पोटैशियम की कमी किडनी के कामकाज को भी प्रभावित कर सकती है।
पोटैशियम की कमी पूरी करने के लिए क्या खाएं?
केला: केला पोटैशियम का सबसे आसान और असरदार स्रोत माना जाता है।
पालक और हरी सब्जियां: पालक, मेथी और सरसों जैसी हरी सब्जियां पोटैशियम से भरपूर होती हैं।
नारियल पानी: यह शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ पोटैशियम की कमी भी पूरी करता है।
शकरकंद: शकरकंद न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसमें अच्छी मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है।
दालें और बीन्स: राजमा, चना और मसूर दाल भी पोटैशियम के अच्छे स्रोत हैं।
किन लोगों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत?
डायबिटीज के मरीज, ज्यादा पसीना आने वाले लोग, बार-बार डायरिया की समस्या वाले और हाई बीपी की दवा लेने वाले लोगों को पोटैशियम लेवल पर खास ध्यान देना चाहिए।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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