Credit card tips: पहला क्रेडिट कार्ड कैसे आपकी फाइनेंशियल लाइफ बना और बिगाड़ सकता? जानें

Credit card tips: पहला क्रेडिट कार्ड आपके भविष्य के लोन की कीमत तय करता है। समय पर पूरा भुगतान और कम खर्च सबसे जरूरी आदतें हैं। पहले साल की लापरवाही सालों तक आपके स्कोर को बिगाड़ सकती।

Updated On 2026-01-11 15:28:00 IST

first credit card tips: पहले क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में क्या सावधानी जरूरी।  

Credit card tips: पहली बार जब बैंक आपका क्रेडिट कार्ड अप्रूव करता तो यह एक छोटी-सी जीत लगती। न घर का लोन लिया है,न कार का, लेकिन यही छोटा सा कार्ड तय करता है कि आने वाले सालों में आपको लोन कितनी महंगी ब्याज दर पर मिलेगा। भारत में आमतौर पर 750 या उससे ऊपर का क्रेडिट स्कोर अच्छा माना जाता। हैरानी की बात यह है कि यह स्कोर काफी हद तक आपके पहले साल के व्यवहार से बनता या बिगड़ता है।

ज्यादातर लोग एक बड़ी गलती से नहीं,बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी लापरवाहियों से अपना क्रेडिट स्कोर खराब करते हैं।

समय पर क्रेडिट कार्ड का भुगतान जरूरी

अगर एक ही नियम मानना हो,तो वह है कभी भी ड्यू डेट मिस न करें। एक बार लेट पेमेंट आपके क्रेडिट रिकॉर्ड पर सालों तक असर डाल सकता। कई नए कार्डधारक सोचते हैं कि मिनिमम अमाउंट ड्यू भर देना काफी है। तकनीकी तौर पर यह सही है लेकिन बैंक इसे यह संकेत मानते हैं कि आप खर्च संभालने में दिक्कत महसूस कर रहे।

सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि कार्ड को डेबिट कार्ड की तरह इस्तेमाल करें, जितना पैसा है, उतना ही खर्च करें और हर महीने पूरा बिल चुकाएं। फुल अमाउंट का ऑटो-डेबिट सेट कर देना भूलने की सबसे बड़ी बीमारी से बचाता है।

क्रेडिट कार्ड से खर्च का आकलन जरूरी

क्रेडिट लिमिट कोई टारगेट नहीं,बल्कि एक सीमा है। अगर आपके कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये है और आप हर महीने 70 से 80 हजार रुपये का बिल बनाते हैं, तो समय पर भुगतान के बावजूद स्कोर पर असर पड़ेगा। क्रेडिट ब्यूरो यूटिलाइजेशनदेखते हैं यानी आप अपनी लिमिट का कितना इस्तेमाल कर रहे हैं। बार-बार 30 फीसदी से ऊपर जाना जोखिम माना जाता। यहीं लोग गलती करते हैं कि बाद में चुका दूंगा सोचकर ज्यादा खर् करते हैं। सिस्टम इसे रिस्क के तौर पर देखता है।

पहले साल में कई लोग ऑफर्स के चक्कर में कई कार्ड अप्लाई कर देते। हर एप्लिकेशन आपके रिकॉर्ड पर दर्ज होती है। नो-कॉस्ट ईएमआई पर छोटी-छोटी चीजें लेना,या पुराना कार्ड बेकार समझकर बंद कर देना भी नुकसान करता। इससे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री छोटी हो जाती। अकेले ये फैसले बहुत बड़े नहीं लगते लेकिन मिलकर स्कोर को नीचे खींच लेते हैं।

क्रेडिट रिपोर्ट चेक करना अब जरूरी

अक्सर लोग तभी स्कोर देखते हैं जब लोन रिजेक्ट हो जाता है। तब देर हो चुकी होती है। गलत एंट्री,पुराना बकाया या गलत लेट पेमेंट, ऐसी गलतियां आम हैं। हर कुछ महीने में रिपोर्ट चेक करने से आप समय रहते इन्हें ठीक करा सकते हैं,खासकर पहले साल में जब आपकी प्रोफाइल कमजोर होती है।

धीरे-धीरे कैसे खराब होता स्कोर?

आपका स्कोर एकदम से नहीं गिरता। पहले पूरा बिल नहीं चुकाया,फिर ज्यादा खर्च,फिर एक ड्यू डेट मिस और अचानक स्कोर 680 पर आ जाता। क्रेडिट कार्ड को कैश की कमी पूरी करने के लिए इस्तेमाल करना सबसे बड़ा जाल है। अच्छी खबर यह है कि सही आदतें जल्दी असर दिखाती हैं। पहला साल साफ रहा,तो 750 से ऊपर पहुंचना मुश्किल नहीं। पहला क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स के लिए नहीं,आपकी फाइनेंशियल साख बनाने के लिए होता है। इसे उसी तरह संभालिए।

(प्रियंका कुमारी)

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