Gold-Silver Price: रिकॉर्ड हाई के बाद सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट, दो दिन में सिल्वर ₹18000 और गोल्ड ₹1,800 टूटा
रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने और चांदी के दाम में तेज गिरावट देखने को मिली है। MCX पर चांदी 18,000 रुपये प्रति किलो तक टूट गई और सोना 1,600-1,800 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। जानें गिरावट के कारण और निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं।
Gold-Silver Price Crash
Gold-Silver Price Crash: रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में अब तेज गिरावट देखने को मिल रही है। बीते दो दिनों में कीमती धातुओं में भारी बिकवाली दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के दाम करीब 18,000 रुपये प्रति किलो तक टूट चुके हैं, जबकि सोना भी 1,600 से 1,800 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है।
MCX पर चांदी में भारी गिरावट
गुरुवार, 8 जनवरी को MCX पर 1 किलो चांदी का भाव करीब 9,000 रुपये गिरकर 2.41 लाख रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया। इससे एक दिन पहले भी चांदी की कीमतों में 9,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही चांदी ने 2.59 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड हाई बनाया था, लेकिन इसके बाद इसमें तेज गिरावट शुरू हो गई।
सोने के दाम भी फिसले
सोने की बात करें तो MCX पर 10 ग्राम सोने की कीमत में भी गुरुवार को करीब 1,000 रुपये की गिरावट देखने को मिली और यह 1.37 लाख रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। पिछले दो दिनों में सोने के दाम कुल मिलाकर 1,800 रुपये तक टूट चुके हैं।
सोने-चांदी के भाव में क्यों आ रही गिरावट?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मुनाफावसूली है। रिकॉर्ड हाई स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों पर दबाव बना।
इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील में देरी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत, चीन और ब्राजील पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को समर्थन दिए जाने से भी बाजार की धारणा कमजोर हुई है। इन घटनाक्रमों के चलते डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा।
गोल्ड और सिल्वर ETF में भी कमजोरी
कीमती धातुओं में गिरावट का असर गोल्ड और सिल्वर ETF पर भी साफ नजर आ रहा है। हाल के दिनों में सिल्वर ETF करीब 5 से 6 फीसदी तक टूट चुके हैं, जबकि गोल्ड ETF में भी लगभग 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते भारतीय शेयर बाजार में भी दबाव देखने को मिला है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा हालात में नए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। जब तक वैश्विक बाजारों में स्थिरता नहीं आती और ट्रेड पॉलिसी को लेकर तस्वीर साफ नहीं होती, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।