4 दिन में निफ्टी 1.7% टूटा: क्या गिरावट अभी और बढ़ेगी? ट्रंप के 500% टैरिफ बिल ने बैठाया बाजार

Indian Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट आई। 4 सेशन में निफ्टी 1.7 फीसदी गिर गया और 26 हजार से नीचे फिसल गया है। ट्रंप का 500% टैरिफ बिल से बाजार दबाव में। विशेषज्ञों के मुताबिक अभी रिवर्सल के लिए मजबूत बाहरी संकेत जरूरी।

Updated On 2026-01-08 18:22:00 IST

भारतीय शेयर बाजार में लगातार 4 सेशन से गिरावट हो रही है। आगे क्या होगा। 

Indian Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली। 8 जनवरी को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज बिकवाली रही,जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूस से कारोबार करने वाले देशों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने वाले बिल को आगे बढ़ाने की मंजूरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया।

बीएसई सेंसेक्स 780 अंक से ज्यादा यानी 0.92 फीसदी टूटकर 84180.96 पर बंद हुआ। इस हफ्ते अब तक सेंसेक्स करीब 1581 अंक यानी 1.8 फीसदी से ज्यादा गिर चुका। वहीं निफ्टी 50 करीब 264 अंक यानी 1.01 फीसदी फिसलकर 25876.85 पर बंद हुआ। खास बात यह रही कि निफ्टी इस साल पहली बार 26000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ। पिछले चार सेशन में निफ्टी करीब 452 अंक यानी 1.7 फीसदी टूट चुका है।

आज बाजार क्यों टूटा?

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव उस समय आया जब अमेरिका में एक द्विदलीय बिल को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी गई,जिसमें रूस से कारोबार जारी रखने वाले देशों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। इसमें भारत का नाम भी शामिल है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि यह बिल चीन,भारत और ब्राजील जैसे देशों पर दबाव बनाने के लिए है, ताकि वे रूस से सस्ता तेल खरीदना बंद करें। इसके अलावा एफआईआई की लगातार बिकवाली, साप्ताहिक सेंसेक्स एक्सपायरी और मेटल शेयरों में तेज गिरावट ने भी बाजार को नीचे खींचा।

क्या निफ्टी 26200 के ऊपर जा सकता?

विशेषज्ञों के मुताबिक, तेज गिरावट के बावजूद निफ्टी अब भी अपने 55-दिन के ईएमए के ऊपर है, जो पहले मजबूत सपोर्ट साबित हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 25850 के ऊपर टिका रहता है तो निचले स्तरों पर खरीदारी आ सकती है। ऐसे में इंडेक्स 26200–26300 के दायरे की ओर बढ़ सकता है।

रिवर्सल के लिए बाहरी संकेत जरूरी

प्राइमस पार्टनर्स के एमडी श्रवण शेट्टी का मानना है कि तकनीकी रूप से बाजार कमजोर दिख रहा और रुख बदलने के लिए किसी सकारात्मक बाहरी संकेत की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका के ऊंचे टैरिफ, एफआईआई की बिकवाली और कमजोर सेंटिमेंट के चलते दबाव आगे भी रह सकता है। 25900 के आसपास निफ्टी को रेजिस्टेंस मिल सकता है।

बाजार ने शॉर्ट-टर्म बॉटम बना लिया?

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार गिरावट यह दिखाती है कि बाजार अभी दबाव में है। कुछ इंडेक्स सपोर्ट पर जरूर हैं, लेकिन वैश्विक घटनाक्रमों को देखते हुए यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि बाजार ने शॉर्ट-टर्म बॉटम बना लिया है।

(प्रियंका कुमारी)

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