FY26 में भारत की रफ्तार तेज: विकास दर 2 साल के उच्चतम स्तर 7.4% रहने का अनुमान, वैश्विक दबावों के बावजूद मजबूती

FY26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान है, ये दो साल का उच्चतम स्तर है। सेवा क्षेत्र और निवेश में मजबूती से अर्थव्यवस्था को सहारा मिला है।

Updated On 2026-01-07 18:24:00 IST

India FY26 GDP Growth: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। 

Indian Economy: भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर अपनी मजबूती का संकेत दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में देश की जीडीपी ग्रोथ 7.4 फीसदी रहने का अनुमान है, जो पिछले 2 साल में सबसे ऊंचा स्तर है। यह अनुमान सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी पहले अग्रिम अनुमान में सामने आया।

इससे पहले फाइनेंशियल ईयर 2025 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.5 फीसदी और FY24 में 9.2 फीसदी रही थी। मंत्रालय के मुताबिक, महंगाई को शामिल करने वाली नॉमिनल जीडीपी इस वित्त वर्ष करीब 8 फीसदी की दर से बढ़ सकती।

सरकार ने कहा है कि अमेरिका के टैरिफ, जियो पॉलिटिकल टेंशन और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था टिकाऊ बनी हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह सेवा क्षेत्र की मजबूत ग्रोथ मानी जा रही। टर्शरी सेक्टर की वृद्धि दर FY26 में 7.3 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसने आर्थिक विस्तार को सहारा दिया है।

दूसरी ओर, व्यापारिक दबावों के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन जैसे सेकेंडरी सेक्टर में भी सुधार देखने को मिला है। इन दोनों क्षेत्रों में 7 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है, जो निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों में मजबूती को दिखाता है। हालांकि, कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों में सुस्ती बनी हुई है। वित्तीय वर्ष 2026 में कृषि क्षेत्र की वृद्धि 3.1 फीसदी रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.6 फीसदी से कम है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाला निजी उपभोग, जो जीडीपी का आधे से ज्यादा हिस्सा बनाता है, FY26 में 7 फीसदी की दर से बढ़ सकता है। हालांकि यह FY25 के 7.2 फीसदी से थोड़ा कम है।

निवेश गतिविधियों में भी तेजी का संकेत मिला है। ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन,जो नए निवेश का पैमाना होता है,इसके 7.8% बढ़ने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 7.1 फीसदी था। निर्यात में मामूली सुधार के साथ 6.4 फीसदी वृद्धि का अनुमान है। वहीं आयात में तेज उछाल देखने को मिला है। FY26 में आयात 14.4 फीसदी बढ़ सकता है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में इसमें 3.7 फीसदी की गिरावट आई थी।

आपूर्ति पक्ष को दिखाने वाला वास्तविक सकल मूल्य वर्धन 7.3 फीसदी और नॉमिनल GVA 7.7 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। कुल मिलाकर आंकड़े यही संकेत देते हैं कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही।

(प्रियंका कुमारी)

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