Budget 2026: बजट में रक्षा से लेकर इलेक्ट्रिक गाड़ियों तक, ये 5 सेक्टर रहेंगे चर्चा में, बाजार की रहेगी पैनी नजर

Budget 2026 focus sectors: बजट 2026 में बड़े ऐलान से ज्यादा सुधारों के क्रियान्वयन पर जोर रहने की उम्मीद दिख रही है। रेलवे, डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर फोकस में रह सकते हैं। बाजार की दिशा बजट से ज्यादा कमाई और लिक्विडिटी तय करेगी।

Updated On 2026-01-31 18:11:00 IST

Budget 2026 focus sectors

Budget 2026 focus sectors: आम बजट 2026 नजदीक आते ही बाजार की उम्मीदें बड़ी घोषणाओं से ज्यादा ठोस क्रियान्वयन और सुधारों की निरंतरता पर टिकी हैं। जानकारों का मानना है कि इस बार सरकार फिस्कल अनुशासन बनाए रखेगी और बड़े खर्च वाले सरप्राइज की बजाय स्ट्रक्चरल रिफॉर्म और निजी निवेश को बढ़ावा देने पर फोकस रहेगा। बजट वाले दिन बाजार में उठापटक संभव है लेकिन मिड-टर्म में बाजार की दिशा कमाई और लिक्विडिटी तय करेगी।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक सरकार के पास बड़े खर्च की सीमित गुंजाइश है, इसलिए जोर सुधारों को जमीन पर उतारने पर रहेगा। इस माहौल में कुछ सेक्टर बजट 2026 की कहानी के केंद्र में रहेंगे। इसमें डिफेंस, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सपोर्ट्स जैसे सेक्टर अहम रहेंगे।

1. डिफेंस सेक्टर: हर बजट में डिफेंस एक स्ट्रक्चरल फोकस एरिया बना हुआ है। हालांकि इस सेक्टर ने हाल के सालों में अच्छा रिटर्न दिया है लेकिन एग्जीक्यूशन की उम्मीदें कम होने की वजह से वैल्यूएशन हाल के पीक से करीब 15 से 20 फीसदी कम हो गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट 2026 में कोई बड़ा अपसाइड सरप्राइज मिलने की उम्मीद नहीं है। हालांकि ऑपरेशन सिंदूर समेत हाल के जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट ने डिफेंस खर्च में लगातार बढ़ोतरी की उम्मीदों को फिर से जगा दिया।

इस सेक्टर में करीब 10 फीसदी बजट ग्रोथ की उम्मीद है लेकिन असली चुनौती समय पर डिलीवरी की है। हाल की भू-राजनीतिक घटनाओं के बाद रक्षा खर्च बढ़ने की उम्मीद फिर जगी है।

2. रेलवे: बजट 2025-26 में, रेलवे के लिए कैपिटल खर्च 2.52 लाख करोड़ रुपये पर बनाए रखा गया था। दिसंबर 2025 के आखिर तक, इस एलोकेशन का 80 परसेंट से ज़्यादा, यानी 2.03 लाख करोड़ रुपये, पहले ही इस्तेमाल हो चुका था, जो मज़बूत एग्ज़िक्यूशन को दिखाता है। सरकार ने 1000 रोड ओवर-ब्रिज और अंडर-ब्रिज बनाने, रोलिंग स्टॉक बढ़ाने और 50 नमो भारत, 100 अमृत भारत और 200 वंदे भारत ट्रेनें शुरू करने के प्लान बताए हैं।

बजट 2026 के लिए, एक्सपर्ट्स को सेमी-हाई-स्पीड ऑपरेशन को सपोर्ट करने के लिए ट्रैक अपग्रेड और सिग्नलिंग के लिए ज़्यादा एलोकेशन की उम्मीद है। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, 5 फीसदी की बढ़ोतरी होगी, जिससे रेल का खर्च लगभग 2.65 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। आरवीएनएल, इरकॉन इंटरनेशनल, और जुपिटर वैगन्स जैसे स्टॉक्स पर फोकस रहने की संभावना है।

3. इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर: इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार का मुख्य ग्रोथ इंजन बना हुआ है। एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि नई घोषणाओं के बजाय काम को प्राथमिकता दी जाएगी। पब्लिक कैपेक्स सड़क, रेलवे, डिफेंस और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही केंद्रित रहेगा। पिछले बजट में, FY26 के लिए कुल कैपेक्स को बढ़ाकर 11.2 लाख करोड़ कर दिया गया था, जिसमें सड़क ( 2.72 लाख करोड़), रेलवे (2.52 लाख करोड़) और डिफेंस कैपिटल खर्च (लगभग 1.8 लाख करोड़) के लिए बड़ा आवंटन किया गया था।

सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय के लिए साल-दर-साल 9-10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके अलावा, केंद्र इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए 25000 करोड़ के सेफ्टी बफर पर विचार कर रहा। लार्सन एंड टूब्रो, सीमेंस इंडिया, एबीबी इंडिया और BHEL को मजबूत ऑर्डर इनफ्लो से सपोर्ट मिलने वाले मुख्य लाभार्थी के रूप में देखा जा रहा।

4. ऑटो सेक्टर एंड इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: ऑटो सेक्टर में टैक्स राहत और जीएसटी सुधार से डिमांड रिकवरी को सपोर्ट मिल सकता है। टू-व्हीलर और मास मार्केट सेगमेंट पर खास नजर रहेगी। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब पायलट स्टेज से आगे निकल चुकी है। पीएम ई-ड्राइव स्कीम और चार्जिंग इंफ्रा पर और फंडिंग संभव है। लोकल मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिल सकता है।

5. सेमीकंडक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक्स: सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए, फोकस घोषणा से अमलीजामा पर शिफ्ट होने की उम्मीद है। इंडस्ट्री प्लेयर्स अप्रूव्ड प्रोजेक्ट्स को तेज़ी से लागू करने, बेहतर टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव प्रोग्राम जैसी स्कीम्स के तहत लगातार सपोर्ट पर ज़ोर दे रहे हैं।

पॉलिसी मोमेंटम के बावजूद, भारत लगभग अपनी सभी चिप्स का इंपोर्ट करता रहता है। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि बजट 2026 में घरेलू कंजम्प्शन के लिए इंसेंटिव, मैच्योर-नोड टेक्नोलॉजी के लिए फंडिंग और इंडियन-डिज़ाइन चिप्स के लिए प्रिफरेंशियल सपोर्ट को प्राथमिकता देनी चाहिए। मोस्चिप टेक्नोलॉजीज, टाटा एलेक्सी और स्पेल सेमीकंडक्टर जैसे स्टॉक्स को इसका बड़ा फायदा हो सकता है।

इन पांच सेक्टर्स के अलावा रियल एस्टेट में किफायती हाउसिंग के लिए PMAY जैसी स्कीम मजबूत करने, स्टांप ड्यूटी और टैक्स राहत के कदम संभव हैं। केमिकल और फर्टिलाइजर सेक्टर में टैक्स यूनिफॉर्मिटी, तेज ITC रिफंड और लाइसेंसिंग आसान बनाने पर फोकस हो सकता है। कुल मिलाकर बजट 2026 का संदेश साफ दिख रहा है कि बड़े ऐलान या घोषणाएं कम और पहले से चल रही योजनाओं पर ठोस अमल ज्यादा।

(प्रियंका कुमारी)

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