Stock Market: तीन दिन की तेजी के बाद बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक टूटा, बजट से पहले बढ़ी सतर्कता
Stock Market: तीन दिन की तेजी के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट आई। मेटल और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली आई और एफआईआई फिर सेलर बने।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
Stock Market: तीन दिन की लगातार तेजी के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। आईटी और मेटल शेयरों में बिकवाली, कमजोर वैश्विक संकेत और 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट से पहले निवेशकों की सतर्कता ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। विदेशी निवेशकों की ताजा बिकवाली ने भी सेंटीमेंट कमजोर किया।
दोपहर करीब 1:50 बजे सेंसेक्स 371 अंक यानी 0.45% गिरकर 82,209 के आसपास ट्रेड कर रहा था। वहीं निफ्टी 118 अंक यानी 0.46% टूटकर 25,302 पर आ गया। हालांकि मार्केट ब्रेड्थ पॉजिटिव रही। करीब 2063 शेयरों में तेजी 1695 में गिरावट और 147 शेयर स्थिर रहे।
मेटर शेयरों में बड़ी गिरावट
निफ्टी-50 में मेटल शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। हिंडाल्को, टाटा स्टील और कोल इंडिया में 6% तक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर अपोलो हॉस्पिटल्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में करीब 2% तक तेजी दिखी।
गिरावट की बड़ी वजहें क्या रहीं?
सबसे ज्यादा दबाव मेटल सेक्टर पर रहा। निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 4% तक गिर गया। पिछले तीन सेशन की तेज रैली के बाद मुनाफावसूली देखी गई। ग्लोबल मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक डॉलर में मजबूती, ओवरबॉट हालात और फेड से सख्त रुख की आशंका से बेस मेटल की कीमतों में नरमी आई। आईटी शेयर भी दबाव में रहे और इंडेक्स करीब 2% गिरा। अमेरिकी बाजार में नैस्डैक की कमजोरी का असर भारतीय आईटी स्टॉक्स पर पड़ा।
कच्चे तेल में उछाल के कारण गिरा बाजार
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी बाजार के लिए नकारात्मक रहा। ब्रेंट क्रूड5 महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने की आशंका से सप्लाई बाधित होने का डर है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगा क्रूड मैक्रो इकॉनमी पर दबाव डालता है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी फिर से बिकवाली शुरू कर दी है। जनवरी में ज्यादातर सत्रों में एफआईआई नेट सेलर रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है। यूनियन बजट से पहले भी निवेशक सतर्क दिख रहे हैं। बजट डे पर स्पेशल ट्रेडिंग सेशन भी रखा गया है लेकिन उससे पहले पोजिशन हल्की की जा रही है।
वैश्विक संकेत भी कमजोर रहे। एशियाई बाजारों में जापान, चीन और हांगकांग के इंडेक्स लाल निशान में रहे, जबकि अमेरिकी बाजार भी पिछली रात गिरावट के साथ बंद हुए। इंडिया विक्स करीब 4% चढ़कर 13.85 पर पहुंच गया, जो निकट भविष्य में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है।
(प्रियंका कुमारी)