शेयर बाजार में शानदार रिकवरी: दिन के निचले स्तर से 850 अंक उछला सेंसेक्स, निफ्टी 25400 के पार
Stock Market Closing: सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से 850 अंकों की जोरदार वापसी की। वीकली एक्सपायरी, एफआईआई की खरीद और मेटल शेयरों की तेजी से बाजार संभल गया।
Nifty sensex today: गुरुवार को शेयर बाजार में निचले स्तर से जोरदार रिकवरी हुई।
Stock Market Closing: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को तेज उतार-चढ़ाव के बाद जबरदस्त वापसी की। दिन की शुरुआत में भारी दबाव में दिखने वाले सेंसेक्स और निफ्टी दोपहर तक हरे निशान में लौट आए। सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से करीब 850 अंकों की रिकवरी की जबकि निफ्टी एक बार फिर 25400 के ऊपर टिक गया।
दोपहर 3 बजे सेंसेक्स 310.14 अंक या 0.37% की तेजी के साथ 82,650.21 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 105.10 अंक या 0.40% चढ़कर 25449.60 पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स का निचला स्तर 81707 और निफ्टी का 25238 रहा। बाजार में चौड़ाई कमजोर रही। करीब 1471 शेयर चढ़े जबकि 2300 से अधिक शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में रिकवरी की 3 बड़ी वजहें
सेंसेक्स एक्सपायरी और वोलैटिलिटी
गुरुवार को सेंसेक्स की मंथली फ्यूचर एंड ऑप्शंस एक्सपायरी थी, जिससे बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडिया विक्स करीब 2% बढ़ा, जो निवेशकों की सतर्कता दिखाता है। कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान के मुताबिक, 25200/82000 का स्तर अहम सपोर्ट है। इसके ऊपर निफ्टी 25500 से 25575 तक जा सकता है। हालांकि 25150 के नीचे फिसलने पर बाजार में फिर दबाव बन सकता।
FII की वापसी से बढ़ा भरोसा
करीब 15 सत्रों के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक खरीदार बने। उन्होंने कैश मार्केट में करीब 480 करोड़ रुपये की खरीदारी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी मजबूत खरीद जारी रखते हुए 3360 करोड़ रुपये का निवेश किया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत-ईयू ट्रेड डील के बाद अगर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कोई सकारात्मक घोषणा होती है, तो इससे बाजार और अर्थव्यवस्था को बड़ा सपोर्ट मिल सकता है।
मेटल शेयरों में जबरदस्त तेजी
निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.9% चढ़कर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। इसके 15 में से 12 शेयर हरे निशान में रहे। हिंदुस्तान कॉपर 20% उछलकर ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। नाल्को, हिंदाल्को और हिंदुस्तान जिंक में भी मजबूती दिखी। वैश्विक बाजार में कॉपर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और कमजोर डॉलर ने मेटल शेयरों को सपोर्ट दिया।
(प्रियंका कुमारी)