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बहुत ज्यादा कभी खुश या कभी दुखी होना इस बीमारी का इशारा तो नहीं

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Aug 16 2017 12:14PM IST
बहुत ज्यादा कभी खुश या कभी दुखी होना इस बीमारी का इशारा तो नहीं

इंसान के मूड का पता नहीं होता वो कभी इतना दुखी होता है कि डिप्रेशन में जाने लगता है। कभी इतना खुश जिसकी कोई सीमा नहीं होती। 

मूड स्विंग होना एक टाइम तक ठीक होता है। अगर ये आगे बढ़ जाएं तो किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है। 

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अगर आपका कभी मूड अच्छा या कभी बहुत खराब रहता है तो इसे मेडिकल भाषा में 'बाइपोलर मूड डिसऑर्डर' कहते हैं। जानिए...

  • 1. इस बीमारी से दिमाग में उतार-चढ़ाव होने लगते हैं। 
  • 2. सुबह ऊर्जा से भरे रहते हैं, लेकिन शाम होते-होते सारी खत्म हो जाती है। अचानक लोगों से बात करने में बोरियत महसूस होने लगती है। 
  • 3. नए लोगों से मिलना अच्‍छा नहीं लगता और खुद अपने आप से नफरत करने लगते हैं। 
  • 4. मन में ऐसे विचार आाना जो संभंव ही नहीं हो सकते। 

मानव का मस्तिष्क न्यूरॉन से बना होता है। यह न्यूरॉन ही शरीर के अन्य भागों को काम करने के लिए सूचना भेजता है।

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परन्तु अत्यधिक ऊर्जा बढ़ जाने पर दिमाग में डोपामिन नाम का केमिकल बढ़ जाता है। इससे लोग दिमाग की बीमारी के शिकार होते हैं।

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what is bipolar mood disorder

-Tags:#Bipolar mood Disease#Health Benefits
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