नई दिल्ली : मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है, जहा अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' छेड़ दिया है। पिछले 100 घंटों के भीतर ईरान के सैन्य ठिकानों, परमाणु केंद्रों और नौसैनिक अड्डों पर 2000 से अधिक मिसाइलें और बम बरसाए गए हैं। इस भीषण हमले ने न केवल तेहरान की सूरत बदल दी है, बल्कि पूरे क्षेत्र में एक अभूतपूर्व दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और 'रोअरिंग लायन' का आगाज
28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ यह ऑपरेशन ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह कुचलने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया है, जबकि इजरायल इसे 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' कह रहा है। इस संयुक्त अभियान के तहत अब तक ईरान के मिसाइल साइट्स, परमाणु ठिकानों और कमांड सेंटरों पर 1700 से अधिक सटीक हमले किए जा चुके हैं।
पहली बार हुआ 'PrSM' मिसाइल और 'कामिकेज़ ड्रोन' का इस्तेमाल
इस युद्ध में अमेरिकी सेना ने अपने आधुनिकतम हथियारों का पहली बार रणभूमि में परीक्षण किया है। इसमें लंबी दूरी तक सटीक मार करने वाली 'PrSM' का उपयोग किया गया है। इसके अतिरिक्त, टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक द्वारा बड़ी संख्या में 'कामिकेज़ ड्रोन' भेजे गए हैं, जो लक्ष्य से टकराकर खुद को नष्ट कर लेते हैं। B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने ईरान के अंदर घुसकर उन कठोर ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की है जिन्हें नष्ट करना लगभग असंभव माना जाता था।
बी-52 बॉम्बर्स की भारी बमबारी
अमेरिकी वायुसेना के बी-1, बी-2 और शक्तिशाली बी-52 बॉम्बर्स ने ईरानी आकाश में अपना पूर्ण वर्चस्व स्थापित कर लिया है। बी-52 बॉम्बर्स ने विशाल क्षेत्रों पर भारी बमबारी कर ईरान की रक्षा प्रणालियों को तहस-नहस कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ऊपर पूरी तरह से हवाई नियंत्रण हासिल कर लिया है, जिससे ईरानी वायुसेना पंगु हो गई है।
ईरानी नौसेना का विनाश: 17 जहाज डूबे
समुद्र में भी ईरान को भारी क्षति उठानी पड़ी है। अमेरिकी नौसेना ने एक बड़े एक्शन में ईरान के 17 जहाजों को समुद्र में डुबो दिया है, जिनमें ईरान की सबसे आधुनिक पनडुब्बी भी शामिल है। वर्तमान में अरेबियन गल्फ, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में ईरान का कोई भी युद्धपोत सक्रिय स्थिति में नहीं बचा है। इससे ईरान की समुद्री घेराबंदी पूरी हो गई है।
अमेरिकी सैन्य तैयारी: 50 हजार सैनिक और दो एयरक्राफ्ट कैरियर
इस मिशन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने मध्य पूर्व में पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा किया है। इस क्षेत्र में 50,000 से अधिक सैनिक, 200 से ज्यादा लड़ाकू विमान और दो विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किए गए हैं। CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना तेजी से आगे बढ़ रही है और यह मिशन तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमता पूरी तरह नष्ट नहीं हो जाती।
ईरान की जवाबी कार्रवाई और अमेरिका के आरोप
भारी दबाव के बीच ईरान ने भी 500 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 2000 से ज्यादा ड्रोन दागकर जवाब देने की कोशिश की है। हालांकि, अमेरिकी और इजरायली रक्षा प्रणालियों ने इनमें से अधिकांश हमलों को रोक लिया, लेकिन कुछ हमलों में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने और घायल होने की खबर है। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों और खाड़ी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है।










