नई दिल्ली : अफगानिस्तान के तालिबान शासन और पाकिस्तान के बीच तनाव अब "खुली जंग" में बदल चुका है। तालिबान रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी फुटेज में रात के समय पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर होते विस्फोटों और तबाही के दृश्यों को दिखाया गया है, जिसे मौजूदा तनाव के बीच की गई जवाबी कार्रवाई का सबूत बताया जा रहा है। यह हमला उन हवाई हमलों का प्रतिशोध है जो पाकिस्तान ने इससे पहले अफगानिस्तान के 29 अलग-अलग स्थानों पर किए थे।
VIDEO | Afghanistan's Taliban-led Defence Ministry releases footage of strikes on Pakistani targets.
— Press Trust of India (@PTI_News) February 27, 2026
(Source: Third Party) pic.twitter.com/alqC13PuYD
तालिबान का 'मिशन बदला' और निशाने पर आए पाक सैन्य केंद्र
तालिबान के नेतृत्व वाले रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनके हवाई हमलों ने पाकिस्तान के कई रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचाया है। इन हमलों के मुख्य निशानों में इस्लामाबाद के पास स्थित फैजाबाद सैन्य शिविर, नौशेरा का सेना मुख्यालय और तोपखाना स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा, एबटाबाद में सैन्य अकादमी के पास का इलाका, जमरुद की सैन्य बस्ती और स्वाबी में एक प्राथमिक विद्यालय के निकट स्थित सैन्य स्थल पर भी बम बरसाए जाने का दावा किया गया है।
पाकिस्तान का पलटवार और दावा
तालिबान के इन दावों के विपरीत, पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने इन हमलों से किसी भी बड़े नुकसान की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने अफगान तालिवान द्वारा दागे गए सभी ड्रोनों को समय रहते पहचान लिया और उन्हें हवा में ही मार गिराया। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, इस घटना में किसी भी सैनिक के हताहत होने या किसी महत्वपूर्ण सैन्य संपत्ति की क्षति होने की कोई खबर नहीं है।
जंग का खतरनाक मोड़ और सीमा पर भारी तबाही
दोनों देशों के बीच छिड़ी इस जंग में जान-माल का भारी नुकसान होने की खबरें आ रही हैं, जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे को अधिकतम क्षति पहुँचाने का दावा कर रहे हैं। जहाँ तालिबान का दावा है कि उन्होंने दर्जनों पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और कई चौकियों पर कब्जा कर लिया है, वहीं पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' के तहत सैकड़ों तालिबान लड़ाकों को ढेर करने की बात कही है। इस भीषण संघर्ष के कारण सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले हजारों नागरिक अपनी जान बचाने के लिए पलायन करने को मजबूर हैं।










