रायपुर। मिल्क पावडर और पॉम आयल से बनने वाला एनालॉग पनीर खाद्य एवं औषधि प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। सालभर में करीब 10 हजार किलो पनीर जब्त करने के बाद भी इसका कारोबार धड़ल्ले से जारी है। एफएसएसएआई से लाइसेंस मिलने के कारण सेहत के लिए नुकसानदायक होने के बावजूद इसकी बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लग पाया है।
सैंपल अमानक, गंदगी के बीच निर्माण जैसे मामले में कार्रवाई कर एफडीए की टीम अपनी औपचारिकता पूरी कर रही है। नियमतः पनीर का निर्माण दूध से किया जाता है। एनालॉग मिल्क पावडर, वनस्पति और साइट्रिक एसिड के उपयोग से बनाया जाता है। सामान्य पनीर की तुलना में यह सस्ता होने की वजह से व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जमकर खपता है। एनालॉग के ज्यादा उपयोग से सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है और यह हृदय रोगों, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इस सब के बावजूद विभाग इसके उपयोग को प्रतिबंधित नहीं कर पा रहा है।
दूध पावडर से कृत्रिम पनीर बनाने नहीं रुक रहा
इसकी वजह भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा इसके निर्माण के लिए लाइसेंस जारी करना है। जांच के दौरान पनीर बनाने वाले संस्थानों पर अमानक तरीके से निर्माण, फैक्ट्री में गंदगी जैसे मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, मगर ना तो दूध पावडर से इस कृत्रिम पनीर का निर्माण रुक रहा है और होटल, रेस्तरां सहित अन्य स्थानों पर इसकी बिक्री रुक पाई है।
एनालॉग पनीर पर कुछ चर्चित कार्रवाई
- 30 दिसंबर 2024 में बिरगांव की फैक्ट्री में छापा मारकर 2500 किलो एनालॉग पनीर जब्त
- 31 दिसंबर 2024 को निमोरा की फैक्ट्री में दबिश देकर 4000 किलो एनालॉग पनीर सीज
- 30 जुलाई 2025 में भाठागांव से करीब 1000 किलो एनालॉग पनीर जब्त, संस्थान सील
- 7 जनवरी 2026 में भाठागांव की दूसरी फैक्ट्री से 1700 किलो एनालॉग पनीर जब्त
- 12 अप्रैल 2026 को भाठाागांव और उरला के डेयरी प्रोडक्ट से 1040 किलो एनालॉग पनीर जब्त
तीन महीने में ही खुल गई फैक्ट्री
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रविवार को भाठागांव के जिस एनालॉग पनीर की फैक्ट्री में कार्रवाई की थी, वहां तीन माह पहले भी एक्शन लिया गया था। उस दौरान गंदगी के बीच तैयार किया गया 1700 किलो एनालॉग पनीर जब्त किया गया था। इस दौरान कंपनी संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को बंद करवाया था। लिए गए पनीर के सैंपल की रिपोर्ट तो नहीं मिली, मगर फैक्ट्री में काम फिर चालू हो गया। रविवार को यहां की फैक्ट्री 540 और उरला के डेयरी प्रोडक्ट बनाने वाले संस्थान से 500 किलो पनीर जब्त किया गया था।
प्रतिबंध लगाने भेजेंगे पत्र व्यापारियों की बैठक
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक अग्रवाल का कहना है कि, एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने एफएसएसएआई को पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुरानी बैठकों में इस बात पर प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि तब तक राज्य स्तर होटल-रेस्टोरेंट सहित अन्य प्रतिष्ठानों के संचालकों की बैठक लेकर इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने मेन्यू में यह जिक्र करना होगा कि वे ग्राहकों को एनालॉग परोस रहे हैं अथवा पनीर...। इसी तरह इसकी बिक्री करने वालों को भी पैकिंग में एनालॉग का जिक्र करना होगा। फैक्ट्री में लगातार जांच जारी रहेगी और नियमों का पालन नहीं किए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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