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छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट से 16 लोगों की मौत और 34 घायल, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया शोक, सरकारों ने घोषित किया मुआवजा।

रायगढ़-सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित सिंघीतराई में संचालित वेदांता थर्मल पॉवर प्लांट में बॉयलर का ट्यूब फटने से हुए ब्लास्ट में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।

दोपहर करीब 2 बजे प्लांट में रोज की तरह सामान्य काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक बॉयलर का ट्यूब फट गया और जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि प्लांट परिसर में धुआं भर गया और वहां मौजूद श्रमिकों में अफरा-तफरी मच गई। कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

मौतों और घायलों की स्थिति
हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में 5 शव, जिला अस्पताल में 5 शव, वेदांता प्लांट परिसर से 4 शव और रायपुर के कालड़ा अस्पताल में 2 लोगों की मौत दर्ज की गई है। कुल 34 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 18 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मुआवजा और राहत की घोषणा
हादसे के बाद कंपनी और प्रशासन ने राहत पैकेज की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की बात कही गई है। वहीं घायलों को 15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने इन घोषणाओं की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।

राष्ट्रपति का शोक संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं और उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और सहायता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है तथा घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

राज्य सरकार का रुख और निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हादसे को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के निःशुल्क और बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं और कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कमिश्नर को उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रही है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

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