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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है। पाकिस्तान ने कंधार में 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' के तहत हवाई हमले किए हैं, जिसमें 684 तालिबान कर्मियों के मारे जाने की खबर है।

नई दिल्ली : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुँच गया है। डूरंड लाइन पर जारी यह विवाद एक पूर्ण विकसित युद्ध में तब्दील होता नजर आ रहा है।

पाकिस्तानी एयरफोर्स ने अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में घुसकर भीषण हवाई हमले किए हैं, जिसमें उग्रवादी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया गया है।

जवाब में तालिबान ने भी पाकिस्तानी सैन्य कैंपों पर हमला बोल दिया है। करीब 2,640 किलोमीटर लंबे बॉर्डर पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं, जिससे पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र में बड़ी जंग का खतरा मंडराने लगा है।

​ऑपरेशन 'गजब लिल-हक': पाकिस्तान का कंधार में भीषण हमला 
पाकिस्तान ने रविवार रात अफगानिस्तान के कंधार प्रांत के भीतर 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' के तहत एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के मुताबिक, उनके लड़ाकू विमानों ने टीटीपी और अफगान तालिबान के ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं।

इस्लामाबाद का दावा है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश रचने के लिए किया जा रहा था। इस एयरस्ट्राइक में कंधार के भीतर तकनीकी सहायता ढांचे और उपकरणों के भंडारण केंद्रों को पूरी तरह नष्ट करने का दावा किया गया है।

​तालिबान का पलटवार: पाकिस्तानी सैन्य कैंप पर जवाबी कार्रवाई 
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तानी हमलों की पुष्टि करते हुए दावों को खारिज किया है। तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने केवल एक नशामुक्ति केंद्र और खाली पड़े कंटेनरों को नुकसान पहुँचाया है। इस कार्रवाई के विरोध में अफगान वायुसेना ने दक्षिण वजीरिस्तान के वाना इलाके में स्थित एक पाकिस्तानी सैन्य कैंप पर जवाबी हमला किया।

अफगान रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में पाकिस्तानी सेना को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है और कई सैन्य सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

​कैसे शुरू हुआ ताजा टकराव: ड्रोन और 'रेड लाइन' का विवाद 
दोनों देशों के बीच यह ताजा टकराव शुक्रवार रात तब शुरू हुआ, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर तीन जगहों पर ड्रोन भेजने का आरोप लगाया। हालाँकि पाकिस्तान ने इन ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन उनके मलबे से क्वेटा में दो बच्चों सहित कई नागरिक घायल हो गए।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इसे 'रेड लाइन' पार करना करार देते हुए चेतावनी दी कि नागरिकों को निशाना बनाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके जवाब में ही पाकिस्तान ने रविवार रात कंधार में हवाई हमले किए।

​684 मौतें और सैन्य बर्बादी के आंकड़े 
पाकिस्तान के सूचना मंत्री तरार ने इस ऑपरेशन के विनाशकारी आंकड़े जारी किए हैं। उनके मुताबिक, अब तक 684 अफगान तालिबान कर्मी मारे जा चुके हैं और 912 से अधिक घायल हुए हैं। सैन्य कार्रवाई में 252 चौकियों को नष्ट कर दिया गया है और 44 पर पाकिस्तान ने कब्जा कर लिया है।

इसके अलावा 229 टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और तोपें भी तबाह करने का दावा किया गया है। हालाँकि, पाकिस्तान ने यह भी कहा कि उसने केवल सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है और नागरिक आबादी को नुकसान नहीं पहुँचाया है।

​मानवीय संकट और 1.15 लाख लोगों का पलायन 
​संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों ने इस युद्ध की डरावनी तस्वीर पेश की है। 26 फरवरी से 5 मार्च के बीच ही अफगानिस्तान में करीब 185 नागरिक हताहत हुए हैं, जिनमें 56 मौतें शामिल हैं। भीषण गोलाबारी और हवाई हमलों के कारण करीब 1,15,000 लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर भागने पर मजबूर हो गए हैं।

भारत ने भी अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की निंदा करते हुए संप्रभुता के सम्मान की बात कही है। विशेषज्ञों को डर है कि अगर दोनों देशों ने संयम नहीं बरता, तो यह छिटपुट झड़प एक महाविनाशकारी युद्ध में बदल सकती है।

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