नासा का आर्टेमिस-2 (Artemis II) मिशन अंतरिक्ष के एक नए युग का गवाह बना है। ओरियन कैप्सूल ने चंद्रमा के सुदूर हिस्से की यात्रा करते हुए पृथ्वी से लगभग 4,00,171 किलोमीटर की दूरी तय की।
इसी के साथ इसने 1970 में अपोलो-13 द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। अपोलो-13 मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से 4,00,111 किलोमीटर दूर गए थे। ओरियन ने अब इंसानों को लेकर पृथ्वी से सबसे दूर जाने का नया वैश्विक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
New record🥇
— NASA Earth (@NASAEarth) April 6, 2026
The Artemis II astronauts are now farther from Earth than humans have ever been! At 1:57 p.m. EDT, they broke the record set by Apollo 13 in 1970.
Their journey around the far side of the Moon today will take them a maximum distance of 252,752 miles from Earth. pic.twitter.com/P5Swojpn0n
LIVE: Watch with us as the Artemis II astronauts make their closest approach to the Moon, traveling farther from Earth than ever before. https://t.co/Zpy7GdTqA8
— NASA (@NASA) April 6, 2026
चंद्रमा के पीछे 34 मिनट का 'ब्लैकआउट' और रोमांच
इस मिशन का सबसे रोमांचक पल तब आया जब ओरियन चंद्रमा के 'डार्क साइड' (वह हिस्सा जो पृथ्वी से नहीं दिखता) के पीछे चला गया। इस दौरान ओरियन का पृथ्वी से संपर्क पूरी तरह टूट गया था। लगभग 34 मिनट तक नासा के वैज्ञानिक सांसें थामे इंतजार करते रहे।
जैसे ही ओरियन चांद के पीछे से बाहर निकला और सिग्नल वापस आए, वैज्ञानिकों ने खुशी से तालियां बजाईं। इस दौरान ओरियन चंद्रमा की सतह से महज 10,382 किलोमीटर ऊपर से गुजरा, जो एक बेहद सटीक 'लूनर फ्लाईबाई' थी।
मिशन में शामिल 4 जांबाज यात्री
आर्टेमिस-2 मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री सवार हैं, जो विविधता और आधुनिक विज्ञान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
- रीड वाइसमैन (Reid Wiseman): मिशन कमांडर।
- विक्टर ग्लोवर (Victor Glover): पायलट (चंद्रमा के करीब पहुंचने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति)।
- क्रिस्टीना कोच (Christina Koch): मिशन स्पेशलिस्ट (चंद्रमा के करीब पहुंचने वाली पहली महिला)।
- जेरेमी हेन्सन (Jeremy Hansen): मिशन स्पेशलिस्ट (कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के पहले यात्री)।
इन यात्रियों ने चंद्रमा के उस हिस्से की अद्भुत तस्वीरें भी ली हैं, जिन्हें आज तक इंसानी आंखों ने इतनी करीब से नहीं देखा था।
इन यात्रियों ने चंद्रमा के उस हिस्से की अद्भुत तस्वीरें भी ली हैं, जिन्हें आज तक इंसानी आंखों ने इतनी करीब से नहीं देखा था।
अगला पड़ाव: चांद पर कदम (Artemis 3)आर्टेमिस-2 की सफलता केवल एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह आर्टेमिस-3 मिशन की आधारशिला है। आर्टेमिस-2 का उद्देश्य ओरियन के लाइफ सपोर्ट सिस्टम, नेविगेशन और सुरक्षा उपकरणों का परीक्षण करना था।
इस मिशन की कामयाबी ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि नासा अब अगले चरण में इंसानों को चंद्रमा की सतह पर उतारने के लिए तैयार है। यह मिशन न केवल चंद्रमा, बल्कि भविष्य के 'मंगल मिशन' के लिए भी एक बड़ा जम्पिंग पॉइंट साबित होगा।










