Iran-Israel War: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी भीषण जंग में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को एक और बड़ा झटका लगा है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, सोमवार तड़के हुए एक अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में IRGC के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल सैयद माजिद खादेमी मारे गए हैं। IRGC ने पुष्टि की है कि यह हमला भोर के समय हुआ था, हालांकि अभी तक उस सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया गया है जहां जनरल खादेमी को निशाना बनाया गया।
50 साल की सेवा और घुसपैठ रोकने में अहम भूमिका
मेजर जनरल खादेमी ने लगभग 50 वर्षों तक ईरान की सुरक्षा और खुफिया सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। IRGC के बयान में कहा गया है कि वे देश में दुश्मनों की घुसपैठ को रोकने और शासन की सुरक्षा को चुनौती देने वाली ताकतों को नाकाम करने में माहिर थे। उनकी मौत को ईरान की खुफिया व्यवस्था के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, क्योंकि वे शासन की स्थिरता बनाए रखने वाले मुख्य स्तंभों में से एक थे।
ईरानी नेतृत्व पर लगातार गिर रही गाज
जनरल खादेमी पिछले कुछ महीनों में मारे गए उच्च पदस्थ ईरानी अधिकारियों की सूची में नवीनतम नाम हैं। पिछले महीने ही इजरायल ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को महज दो दिनों के भीतर ढेर कर दिया था। 28 फरवरी से शुरू हुए इस सैन्य अभियान के बाद से अमेरिका और इजरायल ने IRGC प्रमुख मोहम्मद पाकपुर, बासिज बल के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी और रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह जैसे कई दिग्गजों का सफाया कर दिया है।
अबतक ईरान के मारे गए शीर्ष अधिकारियों की सूची
| नाम | पद |
| आयतुल्लाह अली खामेनेई | सर्वोच्च नेता |
| मेजर जनरल मोहम्मद पाकपुर | IRGC मुख्य कमांडर |
| अजीज नसीरजादेह | रक्षा मंत्री |
| अली लारीजानी | सुरक्षा प्रमुख |
| इस्माइल खतीब | खुफिया मंत्री |
| गुलामरेजा सुलेमानी | बासिज बल प्रमुख |
| मेजर जनरल सैयद माजिद खादेमी | खुफिया संगठन प्रमुख |
अगला निशाना नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई?
अमेरिका और इजरायल ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका अगला लक्ष्य ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई हैं। मुजतबा, पूर्व सर्वोच्च नेता के बेटे हैं, जो 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में ही मारे गए थे। मुजतबा खामेनेई का हाल ही में एक ऑपरेशंस रूम से वीडियो सामने आया था, जिसके बाद से उन पर हमले का खतरा और बढ़ गया है। इजरायली खुफिया एजेंसियां उन्हें ट्रैक करने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रही हैं।










