haribhoomi hindi news
ईरान में 48 घंटे मौत से लड़ने वाले अमेरिकी पायलट की दास्तां सुनाते हुए डोनाल्ड ट्रंप भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि कैसे घायल जांबाज ने दुश्मन की धरती पर हार नहीं मानी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से दिए अपने संबोधन में उस पायलट के संघर्ष को बयां किया, जिसका विमान F-15E ईरान में क्रैश हो गया था। ट्रंप ने बताया कि पायलट का शरीर खून से लथपथ था, लेकिन उसका जज्बा नहीं टूटा।

राष्ट्रपति के शब्दों में, "उसका खून बह रहा था, हड्डियां चोटिल थीं, लेकिन वह पहाड़ियों पर चढ़ता रहा ताकि वह हमारे कमांडोज के लिए 'सिग्नल' भेज सके। वह जानता था कि उसकी सेना उसे कभी नहीं छोड़ेगी।"

​48 घंटे: मौत का साया और दुश्मन की तलाशट्रंप ने जानकारी दी कि क्रैश के बाद के 48 घंटे पायलट के लिए किसी नरक से कम नहीं थे। वह ईरान की मुख्य भूमि के 300 किलोमीटर अंदर था। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की टीमें उसे चप्पे-चप्पे पर तलाश रही थीं।

ट्रंप ने बताया, "वह दो रातों तक सो नहीं सका। वह अंधेरे में चलता रहा और दिन में खुद को पत्थरों और गुफाओं में छिपाता रहा। उसने सिर्फ जीवित रहने के लिए नहीं, बल्कि देश के गौरव के लिए संघर्ष किया।"

नेवी सील टीम-6 और 'साइलेंट' एक्सट्रैक्शनजब नेवी सील टीम-6 पायलट तक पहुँची, तो मंजर चौंकाने वाला था। ट्रंप ने बताया कि कमांडोज ने पायलट को ऐसी स्थिति में पाया जहाँ वह आखिरी दम तक अपनी सुरक्षा के लिए तैयार था।

नेवी सील ने उसे रिसीव किया और भारी गोलाबारी के बीच वहां से सुरक्षित निकाला। ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन तकनीकी से ज्यादा 'साहस' का प्रदर्शन था, जहाँ रडार को चकमा देकर दुश्मन के घर में घुसपैठ की गई।

​ईरान को कड़ा संदेश: "हम अपने सैनिकों के लिए कहीं भी जा सकते हैं" 
इस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका अपने एक-एक नागरिक की जान की कीमत जानता है। उन्होंने इस मिशन को 'इतिहास का सबसे सफल रेस्क्यू' करार दिया। ट्रंप ने कहा कि पायलट अब सुरक्षित है और उसकी हालत स्थिर है।

​नेवी सील टीम-6 और 155 विमानों का सुरक्षा कवच 
इस ऑपरेशन को नेवी सील टीम-6 ने अंजाम दिया, लेकिन उन्हें कवर देने के लिए आसमान में 155 विमानों की फौज तैनात थी। ट्रंप ने बताया कि इन विमानों का काम यह सुनिश्चित करना था कि जब हेलीकॉप्टर पायलट को लेने जमीन पर उतरें, तो कोई भी ईरानी मिसाइल या विमान उस ओर नजर न उठा सके। "यह केवल एक रेस्क्यू नहीं था, यह ईरान के आसमान पर हमारा पूर्ण नियंत्रण था," ट्रंप ने गर्व से कहा।

7