पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना को एक अप्रत्याशित घटना का सामना करना पड़ा है। दुनिया के सबसे बड़े और उन्नत एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford (CVN-78) पर आग लगने की घटना सामने आई है।
यह न्यूक्लियर पावर्ड युद्धपोत इस समय लाल सागर क्षेत्र में तैनात है और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों के समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
A fire broke out aboard the USS Gerald R. Ford (CVN-78) on March 12 in the ship’s main laundry area.
— Clash Report (@clashreport) March 12, 2026
The incident was “not combat-related and was quickly contained.”
The carrier remains fully operational. Two sailors suffered non-life-threatening injuries and are in stable… https://t.co/WOyuZmoobp
लॉन्ड्री सेक्शन में भड़की आग, दो अमेरिकी सैनिक झुलसे
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आग लगने की यह घटना 12 मार्च को युद्धपोत के मुख्य लॉन्ड्री हिस्से से शुरू हुई थी।
On March 12, USS Gerald R. Ford (CVN 78) experienced a fire that originated in the ship’s main laundry spaces. The cause of the fire was not combat-related and is contained.
— U.S. Naval Forces Central Command/U.S. 5th Fleet (@US5thFleet) March 12, 2026
There is no damage to the ship’s propulsion plant, and the aircraft carrier remains fully operational.…
आग बुझाने की कोशिशों के दौरान अमेरिकी नौसेना के दो नाविक झुलस गए हैं। उन्हें तत्काल मेडिकल इलाज मुहैया कराया गया है। राहत की बात यह है कि उनकी चोटें जानलेवा नहीं हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है।
अमेरिकी नौसेना ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच के मुताबिक आग लगने का कारण युद्ध की स्थिति से जुड़ा नहीं है।
युद्धपोत की कार्यक्षमता पर असर नहीं
अमेरिकी नेवी ने दावा किया है कि इस हादसे से युद्धपोत के महत्वपूर्ण प्रोपल्शन प्लांट को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। आग पर काबू पा लिया गया है और एयरक्राफ्ट कैरियर पूरी तरह से कार्यशील है।
फोर्ड और उसके साथ चल रहे तीन एस्कॉर्ट्स जहाज- USS महान, USS बैनब्रिज और USS विंस्टन एस. चर्चिल—पिछले हफ्ते स्वेज नहर पार कर लाल सागर पहुँचे थे और वहां अपना मिशन जारी रखे हुए हैं।
दुनिया का सबसे ताकतवर और महंगा युद्धपोत
यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड न केवल अमेरिका की समुद्री ताकत का प्रतीक है, बल्कि यह तकनीक का भी उत्कृष्ट उदाहरण है:
- करीब 13 अरब डॉलर की लागत से बना यह युद्धपोत 333 मीटर लंबा है और इसका वजन लगभग 1 लाख टन है।
- इसमें दो ए1बी न्यूक्लियर रिएक्टर लगे हैं जो इसे 30 नॉट से ज्यादा की रफ्तार देते हैं। यह 90 से ज्यादा फाइटर जेट्स को एक साथ ले जा सकता है।
- इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लॉन्च सिस्टम (EMALS) लगा है, जो पुराने स्टीम कैटापल्ट से कहीं ज्यादा बेहतर और तेज है।









