भारत के खिलाफ रची जा रही एक बड़ी आतंकी साजिश को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने समय रहते नाकाम कर दिया। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तीन यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर म्यांमार में उग्रवादी संगठनों को ड्रोन ऑपरेशन, हथियारों के इस्तेमाल और आतंकी तकनीकों की ट्रेनिंग दे रहे थे।
जांच में खुलासा हुआ है कि ये आरोपी यूरोप से ड्रोन की अवैध सप्लाई भारत के रास्ते म्यांमार भेजने की साजिश में शामिल थे। इतना ही नहीं, इनका कनेक्शन प्रतिबंधित भारतीय विद्रोही संगठनों से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
अब तक इस मामले में कुल 7 विदेशी नागरिक (6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी) गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सभी के खिलाफ UAPA की धारा 18 के तहत केस दर्ज किया गया है।
क्या भारत को टारगेट बनाने की तैयारी थी?
ड्रोन के जरिए कैसे फैलाया जा रहा था आतंक?
म्यांमार कनेक्शन कितना खतरनाक है?









