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कांशीराम जयंती पर मायावती ने सपा के PDA कार्ड को चुनावी ढोंग बताते हुए दलितों और पिछड़ों को सत्ता की 'मास्टर चाबी' हासिल करने के लिए एकजुट होने को कहा है।

लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की जयंती के अवसर पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।

मायावती ने चुनावी माहौल के बीच दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को आगाह करते हुए कहा कि विरोधी पार्टियों की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है, इसलिए उनसे सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

​सपा का 'PDA' प्रेम शुद्ध छलावा और चुनावी स्वार्थ

​मायावती ने समाजवादी पार्टी के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर तीखा प्रहार करते हुए इसे एक 'विशुद्ध छलावा' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा को बहुजन समाज के महापुरुषों की याद केवल चुनाव के समय ही आती है।

मायावती के अनुसार, जब सपा सत्ता में होती है, तब वह इन वर्गों के हितों की उपेक्षा करती है और उनके महापुरुषों को तिरस्कृत करने से भी पीछे नहीं हटती। उन्होंने कहा कि मुस्लिम और विशेषकर ब्राह्मण समाज के बसपा से जुड़ने के कारण सपा की राजनीतिक बौखलाहट और जातिवादी नफरत अब और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

​बहुजन समाज को सत्ता की 'मास्टर चाबी' हासिल करने का आह्वान

​बसपा सुप्रीमो ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे मिशनरी अंबेडकरवादी बनें और बसपा के झंडे तले एकजुट होकर सत्ता की 'मास्टर चाबी' प्राप्त करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक शासन की बागडोर हाथ में नहीं होगी, तब तक संविधान में दिए गए अधिकारों को जमीनी स्तर पर लागू करना संभव नहीं है।

मायावती ने कांग्रेस की भी आलोचना की और मांग उठाई कि केंद्र सरकार को बहुजन नायक कांशीराम को 'भारत रत्न' से सम्मानित करने में देरी नहीं करनी चाहिए, जैसे कांग्रेस ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के साथ किया था।

​साजिशों से बचने और 'सामाजिक परिवर्तन' को मजबूत करने का संकल्प

​अपने संबोधन के अंत में मायावती ने एक बार फिर सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के मूवमेंट को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि विरोधी पार्टियां बहुजन समाज के वोट की शक्ति को कमजोर करने के लिए सांसदों और विधायकों को प्रलोभन देने जैसी साजिशें रच रही हैं।

उन्होंने समर्थकों से कहा कि निजी लाभ और स्वार्थ के लिए दगा करने वाले लोगों से उचित दूरी बनाए रखें और पूरी जिद के साथ आगामी चुनावों में सफलता अर्जित करने के लिए जुट जाएं।

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