उन्नाव : उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को एक क्रिकेट मैच के दौरान दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। अंडर-13 क्रिकेट लीग मैच के दौरान मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों, अंपायरों और ग्राउंड स्टाफ पर अचानक जानलेवा हमला बोल दिया।
इस खौफनाक हमले में कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के लिए पिछले 30 सालों से अंपायरिंग कर रहे 65 वर्षीय मानिक गुप्ता की दर्दनाक मौत हो गई। उम्र अधिक होने और हृदय रोगी होने के कारण 50 से ज्यादा डंक लगने से उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
10 मिनट तक मधुमक्खियां में काटा
प्रत्यक्षदर्शी और साथी अंपायर सुनील कुमार निषाद के अनुसार, गंगाघाट के राहुल सप्रू मैदान में बुधवार को अंडर-13 क्रिकेट लीग का मैच चल रहा था, जिसमें कानपुर और लखनऊ के करीब 40-45 खिलाड़ी व लोग मौजूद थे। स्टेडियम की बाउंड्रीवॉल से सटे एक बरगद के पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता था और सुबह से ही मधुमक्खियां मंडरा रही थीं।
मधुमक्खियों ने मैदान पर एक नहीं बल्कि तीन बार हमला किया; पहले सुबह 7 बजे, फिर 8 बजे और अंत में 8:30 बजे पूरा झुंड खिलाड़ियों पर टूट पड़ा। हमले से बचने के लिए अंपायर मानिक गुप्ता भागे, लेकिन वह मैदान पर गिर पड़े। इसके बाद 50 से अधिक मधुमक्खियों ने उन्हें घेर लिया और करीब 10 मिनट तक लगातार डंक मारती रहीं।
दो अस्पतालों ने खड़े किए हाथ, हैलट ले जाते समय रास्ते में थमीं सांसें
हमले के बाद मैदान पर चीख-पुकार मच गई। मानिक गुप्ता की हालत बेहद नाजुक हो गई थी क्योंकि वह पहले से ही हृदय रोगी थे। पूर्व रणजी खिलाड़ी राहुल सप्रू अपनी कार से उन्हें तुरंत शुक्लागंज के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया।
इसके बाद उन्हें दो अन्य अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण किसी ने भर्ती नहीं किया। अंत में जब KCA के पदाधिकारी उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल ले जा रहे थे, तभी बीच रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। हैलट पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया।
बेटी ने दी अंतिम विदाई
मानिक गुप्ता कानपुर के फीलखाना इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे। घर पर शव पहुंचते ही कोहराम मच गया और पति का शव देखकर पत्नी बेसुध हो गईं। गुरुवार सुबह जब अंतिम दर्शन के लिए शव उठाया गया, तो पत्नी बिलख पड़ीं और जिस जगह शव रखा था, वहां बार-बार हाथ फेरती रहीं।
मृतक अंपायर की चार बेटियां हैं—प्रियंका, दीपिका, श्वेता और सबसे छोटी समृद्धि, जो इंटरमीडिएट की छात्रा है। तीन बड़ी बेटियों की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी समृद्धि ही पिता को नम आंखों से पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।










