Logo
उत्तर प्रदेश के सभी मुस्लिम बहुल जिलों में ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए कड़ी निगरानी की जा रही है। 2000 से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मी केवल लखनऊ में तैनात हैं, जबकि मेरठ रेंज में 5000 जवानों ने मोर्चा संभाला है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद प्रदेश के सभी संवेदनशील जिलों में सुरक्षा का 'चक्रव्यूह' तैयार किया गया है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि खुशियां मनाएं, लेकिन कानून के दायरे में रहकर।

शांति भंग करने की कोशिश करने वालों, भड़काऊ पोस्ट डालने वालों और सड़क जाम कर नमाज पढ़ने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने के साथ-साथ उनके लाइसेंस और पासपोर्ट को भी रद्द किया जाएगा।

​लखनऊ: 2000 पुलिसकर्मी और 'पिंक पेट्रोल' तैनात 
राजधानी लखनऊ को सुरक्षा के लिहाज से 5 जोन और 18 सेक्टरों में बांटा गया है। ऐशबाग ईदगाह, टीले वाली मस्जिद और आसिफी मस्जिद (बड़ा इमामबाड़ा) पर भारी फोर्स तैनात है।

​भीड़भाड़ वाले इलाकों और बाजारों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'पिंक पेट्रोल' और सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मी तैनात की गई हैं। कंट्रोल रूम से 24×7 सीसीटीवी मॉनिटरिंग हो रही है और ड्रोन के जरिए संकरी गलियों पर नजर रखी जा रही है।

​मेरठ: सड़क पर नमाज तो पासपोर्ट और लाइसेंस पर खतरा 
मेरठ रेंज में करीब 5000 पुलिसकर्मी हाई अलर्ट पर हैं। मेरठ के एसएसपी ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ने सड़क पर नमाज पढ़ी, तो न केवल एफआईआर होगी, बल्कि उल्लंघन करने वालों के पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस के रद्दीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

​संवेदनशील इलाकों में आरएएफ (RAF) और पीएसी (PAC) की टुकड़ियों ने फ्लैग मार्च किया है। यहाँ 460 ईदगाहों और 1865 मस्जिदों पर सुरक्षा का पहरा है।

​सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह और ड्रोन से आसमानी निगरानी 
त्योहार की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे प्रदेश में सुरक्षा का अभेद्य किला तैयार किया गया है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने अकेले राजधानी में 2000 से अधिक जवानों को तैनात किया है, वहीं मेरठ, संभल और मुजफ्फरनगर जैसे संवेदनशील जिलों में भारी पुलिस बल और पीएसी की टुकड़ियों ने मोर्चा संभाला हुआ है।

पुराने शहर की संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से निगरानी रखी जा रही है। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर है ताकि शांति व्यवस्था में कोई खलल न पड़े।

संभल: यहाँ 1200 से अधिक संवेदनशील पॉइंट्स पर ड्रोन से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक टिप्पणी या अंतरराष्ट्रीय विवादों (जैसे ईरान-इजरायल युद्ध) से जुड़ी नारेबाजी पर सख्त पाबंदी है।

मुजफ्फरनगर: यहाँ की गलियों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने रूट मार्च किया है ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव बना रहे।

​डिजिटल पहरा और सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी

​पुलिस ने इस बार डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जोर दिया है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और 'X' पर भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों को रोकने के लिए विशेष सेल 24 घंटे काम कर रहे हैं।

प्रशासन ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली किसी भी पोस्ट पर तत्काल जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, जिले के आला अधिकारी खुद जमीन पर उतरकर शांति समितियों और धर्मगुरुओं के साथ संवाद बनाए हुए हैं।

​ट्रैफिक डायवर्जन: ईदगाहों के पास वाहनों की नो-एंट्री 
नमाज के समय प्रमुख ईदगाहों की ओर जाने वाले रास्तों पर आम जनता के लिए आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। लखनऊ में ऐशबाग, पुराने लखनऊ और कानपुर में बेनाझाबर-चुन्नीगंज जैसे इलाकों में विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी लागू की गई है।

7