लखनऊ: राजधानी लखनऊ में शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। ऐशबाग ईदगाह में सुबह से ही नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा की गई।
इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, भाजपा नेता रीता बहुगुणा जोशी और राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने ईदगाह पहुँचकर मुस्लिम भाइयों को गले मिलकर बधाई दी। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया था और ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की गई।
सियासी दिग्गजों का जमावड़ा और भाईचारे का संदेश
ईद के अवसर पर ऐशबाग ईदगाह राजनीतिक सौहार्द का केंद्र बना रहा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के अजय राय एक साथ नजर आए, वहीं भाजपा की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी और दिनेश शर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी नेताओं ने धर्मगुरुओं और नमाजियों से मुलाकात कर उन्हें ईद की शुभकामनाएं दीं।
नेताओं ने इस मौके पर कहा कि लखनऊ की सरजमीं हमेशा से भाईचारे और प्यार का संदेश देती रही है और ईद का यह त्योहार इसी परंपरा को और मजबूत करता है।
सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम और ड्रोन निगरानी
त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए लखनऊ पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। पुराने लखनऊ और विशेषकर ईदगाह के आसपास के इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया था।
पहली बार सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया गया, जिसमें संवेदनशील इलाकों की निगरानी ड्रोन कैमरों के जरिए की गई। सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक खबर को रोकने के लिए विशेष टीम नजर बनाए हुए थी, ताकि त्योहार के सौहार्द में कोई खलल न पड़े।
धर्मगुरुओं की अपील और यातायात व्यवस्था
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने नमाजियों से पहले ही अपील की थी कि सड़कों पर नमाज अदा न करें, जिसका व्यापक असर देखने को मिला। अधिकांश लोगों ने ईदगाह और मस्जिदों के भीतर ही नमाज पढ़ी।
वहीं, ट्रैफिक पुलिस ने शहर के 27 प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लागू किया था, ताकि नमाजियों और आम जनता को आने-जाने में कोई असुविधा न हो। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को सेवइयां खिलाकर खुशियां बांटीं।