राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 6 अप्रैल से एक नया मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, जिसके असर से कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है।
13 जिलों में अलर्ट
नए सिस्टम के चलते प्रदेश के 13 जिलों में आंधी के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी चेतावनी दी है।
इससे पहले शनिवार को भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कई जिलों में मौसम बदला रहा। शाम होते-होते घने बादल छा गए, तेज हवाएं चलीं और कई जगह बारिश के साथ ओले भी गिरे।
कहां कितनी बारिश?
उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 32 मिमी (1 इंच से ज्यादा) बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली, बारां, बूंदी, कोटा, टोंक, झालावाड़, गंगानगर और हनुमानगढ़ में भी बारिश हुई। बारां, बूंदी, दौसा, टोंक और गंगानगर में कई स्थानों पर ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान भी झेलना पड़ा है।
तापमान में गिरावट
मौसम बदलने के साथ ही तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 35.2°C रहा, जबकि जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, जयपुर और अजमेर समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज हुआ।
आज मिलेगी थोड़ी राहत
मौसम विभाग के अनुसार 5 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर कम रहेगा, जिससे बारिश और ओलों से कुछ राहत मिल सकती है।
फिर बिगड़ेगा मौसम
लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रहने वाली। 6 अप्रैल से नया सिस्टम एक्टिव होते ही मौसम फिर से बिगड़ सकता है। विभाग ने 4 जिलों में ऑरेंज और 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इसका असर 8 अप्रैल तक बना रह सकता है।
क्यों हो रहा ऐसा बदलाव?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार पश्चिमी विक्षोभ सामान्य से ज्यादा सक्रिय हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण उत्तर-पश्चिमी इलाकों में बार-बार आंधी-बारिश का दौर बन रहा है।









