haribhoomi hindi news
नासिक में TCS कार्यालय में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों के बाद हड़कंप मचा है। कंपनी ने कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर वर्क फ्रॉम होम के निर्देश दिए हैं और भर्ती रोक दी है।

TCS Nashik Case: आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक ब्रांच इन दिनों एक बड़े विवाद है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) के गंभीर आरोप लगने के बाद अब कंपनी ने अपने कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, जांच पूरी होने तक नासिक यूनिट में नई भर्तियों (Fresh Hiring) पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए लिया गया फैसला
एक कंपनी कार्यकारी के अनुसार, यह निर्णय कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। दरअसल, इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक दलों और संगठनों ने कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ करने की कोशिश की थी। नासिक के अशोक बिजनेस एनक्लेव में स्थित इस 5,000 वर्ग फुट के कार्यालय में लगभग 170 कर्मचारी दो शिफ्टों में काम करते हैं। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रबंधन ने कार्यालय को फिलहाल बंद रखने और डिजिटल मोड में काम जारी रखने का फैसला किया है।

बजरंग दल का देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान
इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कथित यौन उत्पीड़न और "लव जिहाद" के मामलों को लेकर गुरुवार और शुक्रवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि उनके कार्यकर्ता देश भर में प्रदर्शन करेंगे और हिंदू समुदाय को इस गंभीर मुद्दे पर एकजुट करेंगे। संगठनों का आरोप है कि कंपनी के भीतर मुस्लिम बहुल प्रभाव का इस्तेमाल कर उत्पीड़न और धर्मांतरण का खेल खेला जा रहा था।

8 महिला कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
नासिक कार्यालय की आठ महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों के खिलाफ यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब तक कुल नौ मामले दर्ज किए हैं। ताजा अपडेट के अनुसार, इस मामले में सात पुरुषों और एक महिला सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य महिला आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

भविष्य की नियुक्तियों पर अनिश्चितता के बादल
TCS ने स्पष्ट किया है कि जब तक आंतरिक जांच और पुलिस की कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती, तब तक नासिक केंद्र पर किसी भी नई प्रतिभा की नियुक्ति नहीं की जाएगी। कंपनी का कहना है कि वे जांच में अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं और कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के खिलाफ उनकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है। हालांकि, इतने बड़े स्तर पर लगे आरोपों ने आईटी सेक्टर में कार्यस्थल की संस्कृति और सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

7