महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत के मामले में उनके भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने मोर्चा खोल दिया है।
रोहित पवार ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र में कई बार प्रयास करने के बावजूद पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज नहीं की, जिसके बाद उन्हें बेंगलुरु में 'जीरो एफआईआर' दर्ज करानी पड़ी।
Mumbai, Maharashtra: On Zero FIR filed in Bengaluru in late Deputy CM Ajit Pawar's Case, NCP (SP) MLA Rohit Pawar says, "In Amravati, I had not tried it. The example I gave there was when, in a case involving the Supreme Court and Justice Gavai, someone attempted to throw a shoe.… pic.twitter.com/cwlly1hjjN
— IANS (@ians_india) March 24, 2026
रोहित पवार ने इस हादसे को एक 'आपराधिक साजिश' करार देते हुए पांच गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसने महाराष्ट्र की राजनीति और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
महाराष्ट्र में सुनवाई नहीं, इसलिए बेंगलुरु में दर्ज हुई 'जीरो FIR'
रोहित पवार का दावा है कि उन्होंने मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन, बारामती पुलिस और महाराष्ट्र सीआईडी से संपर्क किया, लेकिन कहीं भी उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। हारकर उन्होंने 23 मार्च को बेंगलुरु में एफआईआर दर्ज कराई।
कानून के मुताबिक, 'जीरो एफआईआर' किसी भी थाने में दर्ज कराई जा सकती है, जिसे बाद में संबंधित क्षेत्र के थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है। कर्नाटक पुलिस ने अब यह केस महाराष्ट्र पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है।
रोहित पवार के 5 सनसनीखेज आरोप: साजिश की ओर इशारा?
रोहित पवार ने अपनी शिकायत में पांच मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया है जो इस हादसे को संदिग्ध बनाते हैं:
रन टाइम में अंतर: आधिकारिक लॉग के अनुसार विमान ने 4,915 घंटे की उड़ान भरी थी, जबकि दावा है कि विमान वास्तव में 8,000 घंटे से ज्यादा उड़ चुका था।
लैंडिंग की अनुमति: कम विजिबिलिटी के बावजूद 'विजुअल फ्लाइट रूल्स' के तहत विमान को लैंडिंग की अनुमति क्यों दी गई?
आखिरी समय पर पायलट का बदलाव: अंतिम समय पर क्रू बदला गया और पायलट सुमित कपूर को शामिल किया गया।
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी: हादसे से कुछ समय पहले ही VSR वेंचर्स ने पायलट सुमित कपूर के नाम पर लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी।
पायलट का रिकॉर्ड: पायलट सुमित कपूर पहले शराब से जुड़े मामलों में निलंबित रह चुके थे।
AAIB की जांच रिपोर्ट: पेड़ों से टकराया था विमान
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने इस हादसे पर 22 पेज की प्राइमरी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जा रहे 'लियरजेट 45 XR' विमान ने कम विजिबिलिटी के बावजूद रनवे पर लैंडिंग की कोशिश की।
सीसीटीवी फुटेज के हवाले से दावा किया गया है कि हादसे से पहले प्लेन दाईं ओर मुड़ा, पेड़ों से टकराया और फिर जमीन पर गिरकर धक-धक कर जलने लगा। रोहित पवार का तर्क है कि यदि 2023 में नया विमान खरीदने का टेंडर रद्द न हुआ होता, तो आज अजित पवार जीवित होते।
CBI जांच में देरी पर उठाए सवाल
रोहित पवार ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर हमला बोलते हुए कहा कि इस हादसे की जांच CBI को सौंपने की मांग 35 दिन पहले की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने सवाल उठाया कि जहाँ अन्य मामलों में सीबीआई तुरंत सक्रिय हो जाती है, वहीं इस हाई-प्रोफाइल मौत के मामले में इतनी देरी क्यों की जा रही है? उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी केंद्रीय गृह मंत्री को इस संबंध में पत्र लिखा था, लेकिन अभी तक उसका कोई जवाब नहीं मिला है।










