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मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मध्यप्रदेश में सक्रिय हुए दो ट्रफ और एक साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से प्रदेशभर में मजबूत वेदर सिस्टम बन गया है, जिसका असर अगले 72 घंटों तक देखने को मिलेगा।

मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मध्यप्रदेश में सक्रिय हुए दो ट्रफ और एक साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से प्रदेशभर में मजबूत वेदर सिस्टम बन गया है, जिसका असर अगले 72 घंटों तक देखने को मिलेगा।

बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में इसका असर नजर आया। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश हुई। बालाघाट में तो करीब 1 इंच तक बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया।

इन जगहों पर ओले गिरने की संभावना
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 33 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से तेज बारिश के आसार बने हुए हैं।

तेज हवाएं और गिरता तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस सिस्टम का असर 19 और 20 मार्च को सबसे ज्यादा रहेगा।

मौसम में आए इस बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है और कई जिलों में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

किसानों की बढ़ी चिंता
मार्च महीने में पहली बार ओले गिरने की संभावना जताई गई है। खासकर सिवनी, मंडला और बालाघाट में अगले दो दिन ओलावृष्टि हो सकती है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि फसलों को नुकसान होने का खतरा है।

कब साफ होगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, 22 मार्च के बाद धीरे-धीरे सिस्टम कमजोर पड़ेगा और प्रदेश में मौसम साफ होने लगेगा।

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