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Chaitra Navratri: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ भोपाल के मंदिरों में भक्तों की भीड़, विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों का दौर शुरू।

Chaitra Navratri: चैत्र नवरात्रि यानि शक्ति की साधना का महापर्व गुरूवार से शुरू हो गया है। नौ दिन तक चलने वाले इस महापर्व के साधक शक्ति की देवी की आराधना और मंत्र जाप आदि से मां दुर्गा को प्रसन्न करेंगे। राजधानी के देवी मंदिरों में आकर्षक साज-सज्जा की गई है। उधर व्रत और साधना के लिए भक्तों के मन में अपार उत्साह झलक रहा है, वहीं मैहर की शारदा भवानी तथा माता वैष्णों देवी के दर्शनों के लिए राजधानी से श्रद्धालुओं के जत्थे भी रवाना हो गए हैं। राजधानी से लगे हुए सलकनपुर और कंकाली माता के मंदिरो में भी सुबह से ही राजधानी से श्रद्धालू जाते है।

नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-आराधना की जाएगी। इसमें प्रथम दिवस शैलपुत्री की आराधना हो रही है, जो इच्छा व संकल्पशक्ति की दात्री है। इसी तरह दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तृतीया को चंद्रघंटा, चतुर्थी को कुष्मांडा, पंचमी को स्कंध माता, षष्ठी को कात्यायनी, सप्तमी को कालरात्रि, अष्टमी को महागौरी और नवमीं को सिद्धिदात्री देवी की पूजा-आराधना की जाएगी। इधर राजधानी के देवी मंदिरों में आकर्षक साज-सज्जा और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां जोरों पर हैं। उधर व्रत और साधना के लिए भक्तों के मन में अपार उत्साह की झलक दिखाई दे रही है।

यह होंगे मुहूर्त और चौघड़िया
साल भर में कुल चार नवरात्रि आते हैं जिसमें से शारदीय और चैत्र नवरात्रि का खास महत्व होता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो गए हैं जो 27 मार्च तक चलेंगे। चैत्र नवरात्रि शुरू होने से साथ ही नया हिंदू नववर्ष विक्रम संवत भी शुरू हो जाता है। नवरात्रि पर देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है। 

शहर के मां कालका मंदिर तलैया, मां कालका मंदिर चुनाभट्टी, मां शीतला मंदिर कोटरा सुल्तानाबाद, नारियलखेड़ा सहित शहर के सभी दुर्गा मंदिर मंदिरों में नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 19 मार्च को शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बना है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य
भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 चैत्र नवरात्र के पहले दिन गुरुवार को शहर में कई धार्मिक आयोजन होंगे। हिंदू नववर्ष का स्वागत सुबह सूर्योदय के साथ होगा। मंदिरों और घरों में शंख ध्वनि और दीप जलाकर वर्ष का अभिनंदन किया जाएगा। मंदिरों में पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की जाएगी। 19 मार्च को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी गुड़ी पड़वा पर शहर के मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना हो रही है तो वहीं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। 

घट स्थापना के साथ मंदिरों और घरों में जवारे बोने के साथ अखंड ज्योति जलाई गई। आशिमा अनुपमा सिटी, जाट खेड़ी स्थित श्री शिव नारायण मंदिर में चैत्र नवरात्रि महोत्सव के अवसर पर नव संवत्सर 2083 का स्वागत भक्ति एवं उत्साह के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर प्रातः काल सूर्य दर्शन एवं शंख ध्वनि के साथ नव वर्ष का शुभारंभ होगा। मंदिर में दुर्गा नवचंडी अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा।

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