MP Weather Update: मध्यप्रदेश में पिछले 72 घंटों से साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के कारण मौसम अस्थिर बना हुआ है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत 42 से अधिक जिलों में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली है। शनिवार को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी और अनूपपुर समेत कई जिलों के लिए तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तेज हवाओं और ओलों के कारण गेहूं, केला, पपीता और संतरे जैसी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है ऐसी जानकारी भी सामने आई है।
पूर्वी जिलों पर पड़ेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार, 18 मार्च को एक मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ था। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, 3 ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम की स्थितियों में लगातार बदलाव हो रहे हैं। इस सिस्टम के शनिवार को और आगे बढ़ने की उम्मीद है, जिसका मुख्य असर पूर्वी जिलों पर पड़ेगा।
26 मार्च को नया सिस्टम हो सकता है सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक, मौजूदा सिस्टम 21 मार्च को भी राज्य में सक्रिय रहेगा। 22 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर संभवतः उत्तर-पश्चिमी भारत पर पड़ेगा। हालांकि, यह मौजूदा सिस्टम जितना मजबूत नहीं होगा। इसकी कम तीव्रता के कारण मध्यप्रदेश में बारिश की संभावना कम है। 26 मार्च को एक और सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे राज्य में फिर से बारिश हो सकती है।
बीते 24 घंटे में यहां हुई बारिश
पिछले 24 घंटों में, 42 जिलों के लगभग 112 कस्बों और शहरों में बारिश दर्ज की गई। इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, भोपाल, विदिशा, सीहोर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, सतना, जबलपुर और कई अन्य इलाकों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश - लगभग तीन-चौथाई इंच - बदनावर (धार) और घोड़ाडोंगरी (बैतूल) में दर्ज की गई। बड़वानी, बैतूल, भोपाल और दमोह समेत कई जगहों पर आधे इंच से ज़्यादा बारिश हुई। अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर और अन्य जिलों में ओलावृष्टि की सूचना मिली है।










