खंडवा। जिले के छनेरा गांव में कल शुक्रवार 20 मार्च से तीन दिवसीय ‘आदिरंग’ महोत्सव की शुरुआत तो उत्साह के साथ हुई, लेकिन पहले ही दिन दर्शकों की कम उपस्थिति ने आयोजन की चमक को थोड़ा फीका कर दिया। जनजातीय कला, संगीत और परंपराओं को मंच देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से कलाकार पहुंचे, बावजूद इसके उद्घाटन के समय स्टेडियम में कई कुर्सियां खाली दिखाई दीं।
मंत्री विजय शाह ने जताई नाराजगी
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह ने किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कम भीड़ को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह केवल राज्य स्तर का आयोजन नहीं है, बल्कि इसे भविष्य में राष्ट्रीय मंच तक ले जाने की योजना है। ऐसे में यदि स्थानीय लोगों की भागीदारी ही कम रहेगी, तो इस तरह के आयोजनों की सफलता पर सवाल खड़े होंगे।
कुर्सियां भरने बुलानी पड़ीं छात्राएं
मंत्री की नाराजगी के बाद आयोजकों ने तुरंत छात्रावास की छात्राओं को कार्यक्रम स्थल पर बुलाने का प्रयास किया, ताकि खाली सीटों को भरा जा सके। हालांकि, छुट्टियों के चलते ज्यादा छात्राएं नहीं पहुंच सकीं और व्यवस्था आंशिक रूप से ही सुधर पाई। इससे साफ हुआ कि आयोजन में अपेक्षित जनसहभागिता नहीं मिल पाई।
लोक नृत्यों ने खींचा लोगों का ध्यान
मंत्री शाह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि आमतौर पर इस तरह के महोत्सव बड़े शहरों में आयोजित होते हैं, लेकिन छनेरा जैसे कस्बे में इसका आयोजन होना गर्व की बात है। कार्यक्रम की शुरुआत एक छात्रा के एकल नृत्य से हुई, जिसके बाद भीली जल कथा पर आधारित ‘पिथौरा’ नृत्य-नाट्य प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा भगोरिया, करमा-फाग, सिंगारी और राठवा जैसे पारंपरिक नृत्यों ने मंच को जीवंत बनाया।








