भोपाल। मध्य प्रदेश में जनगणना को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं और इस बड़े अभियान के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, राज्य में करीब 46 हजार शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाया जा सकता है। यह संख्या राज्य के कुल स्थायी शिक्षकों का लगभग 20 प्रतिशत है, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता जताई जा रही है। सरकारी स्तर पर जनगणना की प्रक्रिया को लेकर व्यापक तैयारी शुरू हो चुकी है।
शिक्षकों को जनगणना में प्राथमिकता
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य तकनीकी और संवेदनशील है, इसलिए प्रशिक्षित और समझदार कर्मचारियों की जरूरत होगी। इसी कारण शिक्षकों को इस कार्य के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि शिक्षक इस जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभा सकते हैं। जनगणना संचालनालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जिलों में एसडीएम स्तर पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की सूची एकत्रित कर उनकी जांच की जा रही है। इसके आधार पर जनगणना के लिए कर्मचारियों का चयन किया जाएगा।
दो चरणों में होगी जनगणना
चयन की इस प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में घरों की सूची तैयार की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या का विवरण एकत्र किया जाएगा। भोपाल में मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण पहले ही पूरा हो चुका है और अब उन्हें जिलों में भेजा जा रहा है, ताकि वे अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर सकें। स्कूल शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उनके नाम संबंधित अधिकारियों को भेजे जा रहे हैं।
राज्य में 3.5 लाख स्थायी शिक्षक
राज्य में लगभग 3.5 लाख स्थायी शिक्षक हैं, जबकि करीब 70 हजार अतिथि शिक्षक भी कार्यरत हैं। हालांकि, फिलहाल केवल नियमित शिक्षकों को ही जनगणना कार्य में शामिल करने की योजना है। भोपाल में जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता के अनुसार, शहर में करीब 4 हजार गणनाकर्ता और लगभग 670 पर्यवेक्षकों की जरूरत होगी। इनमें से 65 से 70 प्रतिशत तक शिक्षक हो सकते हैं, जिससे स्पष्ट है कि शिक्षकों की बड़ी भूमिका इस प्रक्रिया में रहने वाली है। शिक्षक संघ ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है।
नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका
शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि 40 से 50 हजार शिक्षकों को इस कार्य में लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के शिक्षक इसमें शामिल होंगे, जबकि वरिष्ठ शिक्षकों को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निकायों के अधिकारी स्कूलों में जाकर शिक्षकों की सूची तैयार कर रहे हैं और अप्रैल से प्रशिक्षण शुरू होने की संभावना है। ऐसे में जनगणना की तैयारी के साथ-साथ स्कूलों में नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है।







