इंदौर। शहर के चर्चित जूनी हत्याकांड में जिला अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। चार साल पुराने इस मामले में चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया है। यह मामला उस समय काफी चर्चा में रहा था, जब दिनदहाड़े एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय के रूप में देखा जा रहा है।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
मृतक राहुल झांजोट, जूनी इंदौर क्षेत्र का रहने वाला था। घटना 10 जून 2020 की शाम की है, जब वह अपने परिजनों के पास खड़ा था। इसी दौरान पुरानी दुश्मनी के चलते आरोपी वहां पहुंचे और विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला हिंसक झगड़े में बदल गया और आरोपियों ने राहुल को घेर लिया।
इसके बाद उस पर हमला कर दिया गया, जिससे स्थिति गंभीर हो गई।
गला चीरती निकल गई थी गोली
हमले के दौरान एक आरोपी ने देशी कट्टे से फायर कर दिया। गोली राहुल की गर्दन को पार करते हुए निकल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद वह मौके पर ही गिर पड़ा और आसपास अफरा-तफरी मच गई। उसके भाई ने बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसे भी धमका दिया। इसके बाद लोगों की भीड़ जमा होते देख आरोपी वहां से भाग निकले।
अस्पताल पहुंचने के पहले ही मौत
घायल राहुल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया गया। सुनवाई के दौरान कई गवाहों और सबूतों को अदालत में पेश किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों को दोषी करार दिया।
कोर्ट ने चार लोगों को सजा सुनाई
अदालत ने गोटू उर्फ प्रह्लाद, सन्नी उर्फ कालू, कैलाश उर्फ शुभम और हेमराज बग्गन को सजा सुनाई। सभी को उम्रकैद के साथ-साथ 29 हजार रुपए का जुर्माना भी भरने का आदेश दिया गया है। यह फैसला लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद आया है। इससे यह संदेश गया है कि गंभीर अपराध करने वालों को कानून से बचना आसान नहीं है। साथ ही यह पीड़ित परिवार के लिए राहत और न्याय का प्रतीक भी बना है।










