खंडवा। जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता के छैगांव माखन तहसील के औचक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान दो पटवारी अपने कार्यस्थल पर मौजूद नहीं मिले तो इस पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को निलंबित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कामकाज के तौर-तरीकों पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में लापरवाही को किसी भी तरह बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
जांच में सही पाई गईं ग्रामीणों की सिकायतें
कलेक्टर गुप्ता ने ग्राम संगवाड़ा के पटवारी आनंद कुलकर्णी और ग्राम देशगांव के पटवारी अनिल चौहान के खिलाफ यह कार्रवाई की है। बताया जाता है कि इन दोनों के खिलाफ स्थानीय लोग काफी समय से शिकायतें कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि पटवारी समय पर उपलब्ध नहीं रहते और कई जरूरी काम लंबित रहते हैं। जब कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की तो शिकायतें सही पाई गईं, जिसके बाद उन्होंने बिना देरी किए दोनों को निलंबित कर दिया।
निलंबन में छैगांवमाखन तहसील रहेगी मुख्यालय
निलंबन के दौरान दोनों पटवारियों का मुख्यालय छैगांव माखन तहसील कार्यालय रहेगा। इस अवधि में वे अपने मूल पद का कार्य नहीं करेंगे, लेकिन सरकारी नियमों के अनुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इसी के साथ जिले में एक प्रशासनिक बदलाव भी किया गया है। पंधाना में पदस्थ एसडीएम दीक्षा भगोरे को उनके पद से हटाकर कलेक्ट्रेट में निर्वाचन शाखा सहित अन्य प्रशासनिक शाखाओं का दायित्व सौंपा गया है। यह निर्णय प्रशासनिक व्यवस्था में बेहतर समन्वय और कामकाज को सुचारु बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
दीक्षा भगोरे के बदलाव के पीछे जनप्रतिनिधि!
सूत्रों के अनुसार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तालमेल की समस्या भी इस बदलाव की एक वजह मानी जा रही है। दीक्षा भगोरे को हटाए जाने के बाद पंधाना क्षेत्र की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले को दी गई है। उन्हें पंधाना एसडीएम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है और इसके लिए आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बदलाव से क्षेत्र में प्रशासनिक कामकाज और बेहतर तरीके से संचालित होगा। इस कार्रवाई से प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है।









