कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान: कांग्रेस के पास चुनाव लड़ने वाले लोग नहीं, जिसके पास 4-5 करोड़ उसको मिल रहा टिकट

Kailash Vijayvargiya
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कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर फिर हमला बोला है। बुधवार को जबलपुर पहुंचे कैलाश ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस के पास चुनाव लड़ने वाले लोग ही नहीं हैं। जिसके पास चार-पांच करोड़ रुपए हों उसी को टिकट मिल रहा है।

भोपाल। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुधवार को जबलपुर पहुंचे। यहां मीडिया से बातचीत में कैलाश ने कांग्रेस पर फिर हमला बोला। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नकुलनाथ चुनाव लड़ें या कमलनाथ, हमें (BJP) को कोई फर्क नहीं पड़ता। कैलाश ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस के पास चुनाव लड़ने वाले लोग ही नहीं हैं। जिसके पास दो-चार पांच करोड़ रुपए हों, उसे ही टिकट मिल रहा है। कैलाश ने आगे कहा कि देशभर में हम 400 से ज्यादा लोकसभा सीट जीत रहे हैं। मध्यप्रदेश में सभी 29 सीट पर हमारा कब्जा होगा।

मंडला में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे विजयवर्गीय
बता दें कि मंडला में कैलाश विजयवर्गीय आज पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। बैठक में शामिल होने जा रहे कैबिनेट मंत्री पहले जबलपुर पहुंचे। यहां मीडिया से बातचीत हुई। मंडला में बैठक के बाद विजयवर्गीय इंदौर के लिए रवाना होंगे।

हरियाणा में JJP के कारण हमारी पार्टी की बदनामी हो रही थी
हरियाणा में भाजपा का जननायक जनता पार्टी (JJP) के साथ साढ़े 4 साल पुराना गठबंधन टूटने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा हमला बोला। मंत्री कैलाश ने कहा कि हरियाणा में JJP के कारण हमारी पार्टी की बदनामी हो रही थी। मैं 3 दिन पहले हरियाणा में था और वहां हम लोगों की काफी चर्चा हुई। उसी चर्चा के दौरान आम सहमति से यह फैसला लिया गया कि JJP कुछ न कुछ इस तरह के काम कर रही है, जिससे हरियाणा सरकार की छवि खराब हो रही है। इसलिए पार्टी को यह कदम उठाना पड़ा।

44 साल से छिंदवाड़ा सीट पर 'नाथ' परिवार का कब्जा
बता दें कि कांग्रेस ने मंगलवार की रात को मध्यप्रदेश की 29 में से 10 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस ने छिंदवाड़ा से पूर्व सीएम कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ को फिर छिंदवाड़ा से प्रत्याशी बनाया है। छिंदवाड़ा सीट कांग्रेस पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाती है। 44 साल से लगातार कमलनाथ या उनके परिवार के सदस्य यहां से चुनाव जीत रहे हैं। 1997 में BJP से सुंदरलाल पटवा ने कमलनाथ को हराया था। भाजपा इसी जीत को दोहराना चाहती है। दूसरी ओर कमलनाथ और नकुलनाथ ने भी गढ़ बचाने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है।

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