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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब पर्यटन पर दिखने लगा है। मध्य प्रदेश के हजारों पर्यटकों ने विदेश यात्रा रद्द कर घरेलू डेस्टिनेशन की ओर रुख किया है। अब लोग विदेश जाने की जगह काजीरंगा और सतपुड़ा जैसे स्थानों को तरजीह दे रहे हैं।

भोपाल। मध्य प्रदेश के पर्यटकों के यात्रा व्यवहार में हाल के अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने अपने विदेश यात्रा के कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। विशेष रूप से यूएई जैसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन की बुकिंग में अचानक गिरावट आई है, जिससे ट्रैवल इंडस्ट्री प्रभावित हुई है। गर्मी के दिनों में बड़ी संख्या में लोग खाड़ी के देशों की यात्रा करते हैं। ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार इस बार प्रदेश के लोगों के खाड़ी के देशों की यात्रा से परहेज करने के कारण करीब 30 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है।

यूएई ट्रिप कैंसल, ट्रैवल इंडस्ट्री को झटका 
ट्रैवल एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश के करीब 5 हजार से अधिक पर्यटकों ने अपने यूएई दौरे रद्द कर दिए हैं। ये बुकिंग पहले से गर्मी की छुट्टियों को ध्यान में रखकर की गई थीं। ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि हालात बिगड़ने के बाद लोगों ने जोखिम लेने से बचना ही बेहतर समझा। इससे लगभग 25 करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ने का अनुमान है।

विदेश से घरेलू पर्यटन की ओर बढ़ा रुझान 
कई यात्रियों ने अपने इंटरनेशनल टूर को कैंसल करने के बजाय उन्हें घरेलू यात्राओं में बदल लिया है। आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 55 से 60 प्रतिशत लोगों ने अब देश के भीतर घूमने का विकल्प चुना है। इससे घरेलू पर्यटन स्थलों की मांग अचानक बढ़ गई है। लोग खाड़ी के देशों की जगह घरेलू पर्यटन स्थलों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। 

काजीरंगा और सतपुड़ा बने पसंदीदा विकल्प 
डोमेस्टिक टूरिज्म में इस समय काजीरंगा नेशनल पार्क पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। वहीं, मध्य प्रदेश के भीतर सतपुड़ा क्षेत्र भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। प्राकृतिक सुंदरता और सुरक्षित माहौल इन जगहों को खास बना रहे हैं। जो लोग विदेश यात्रा करना चाहते हैं, वे अब अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले देशों की ओर रुख कर रहे हैं। 

फिलीपींस बना नया इंटरनेशनल विकल्प
फिलहाल फिलीपींस जैसे देशों में बुकिंग बढ़ी है। ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि लोग अब ऐसे गंतव्यों को चुन रहे हैं जहां राजनीतिक स्थिति स्थिर हो। आमतौर पर मई-जून का समय ट्रैवल के लिहाज से सबसे व्यस्त माना जाता है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। पैकेज बुकिंग में लगभग 70 प्रतिशत तक कमी आई है। कई अंतरराष्ट्रीय टूर पैकेज या तो टाल दिए गए हैं या पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं, जिससे पूरे सेक्टर पर दबाव बना हुआ है।

इंटरनेशनल टूर पैकेज हुए महंगे 
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय टूर पैकेजों की कीमतों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है, खासकर इंदौर से दिल्ली-मुंबई होते हुए जाने वाले लोकप्रिय रूट्स पर। पहले जहां श्रीलंका के लिए पैकेज 50,000 से 55,000 रुपए के बीच था, अब इसकी कीमत बढ़कर 65,000 से 70,000 रुपये हो गई है। इसी तरह सिंगापुर का पैकेज, जो पहले 80,000 से 85,000 रुपये तक था, अब 1,00,000 से 1,10,000 रुपए तक पहुंच गया है।

यात्रा पैकेजों में 15 से 25 हजार बढ़े
थाईलैंड के लिए पहले 30,000 से 35,000 रुपये खर्च होते थे, जो अब बढ़कर 40,000 से 45,000 रुपये हो गए हैं। वियतनाम का पैकेज पहले 60,000 से 65,000 रुपये के बीच था, जो अब 70,000 से 80,000 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं फिलीपींस के टूर पैकेज में भी बढ़ोतरी हुई है, जो पहले 50,000 से 55,000 रुपए था और अब 70,000 से 75,000 रुपये तक हो गया है।

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